
रतलाम. मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। जिले के ताल थाना अंतर्गत आने वाली खारवा कला चौकी क्षेत्र के ग्राम कोठड़ी में एक 35 वर्षीय किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह किसान का खून से सना हुआ शव उसी के खेत में पड़ा मिला। इस दोहरे हत्याकांड की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
खेत पर जुताई करने गया था किसान, रातभर नहीं लौटा घर मृतक की पहचान कोठड़ी गांव के रहने वाले 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू (पुत्र दुलेसिंह दांगी) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, राजेंद्र शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे अपने ट्रैक्टर को लेकर खेत की जुताई करने के लिए घर से निकले थे। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को लगा कि बोवनी और खेती के काम की व्यस्तता के कारण वह खेत पर ही रुक गए होंगे।
चचेरे भाई ने सबसे पहले देखा खून से लथपथ शव शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे जब राजेंद्र का चचेरा भाई रामेश्वर दांगी गाय का दूध निकालने के लिए खेत की तरफ गया, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। राजेंद्र का शव जमीन पर पड़ा हुआ था और चारों तरफ भारी मात्रा में खून फैला था। राजेंद्र के शरीर और सिर पर धारदार हथियार और चोटों के गहरे निशान थे। रामेश्वर के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण और परिजन भी मौके पर दौड़ पड़े।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम ने खंगाला घटनास्थल घटना की सूचना मिलते ही ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम से एफएसएल (FSL) अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल को भी बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही, हत्यारों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वायड (खोजी कुत्तों) की टीम से भी आसपास के खेतों और रास्तों की सघन सर्चिंग कराई गई है। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जमीन विवाद के चलते हत्या की आशंका, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया परिजनों ने पुलिस को दी अपनी शुरुआती गवाही में बताया कि राजेंद्र सिंह का कुछ स्थानीय लोगों के साथ पिछले काफी समय से जमीन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों को पूरा शक है कि इसी रंजिश के चलते राजेंद्र की घेरकर हत्या की गई है।
राजेंद्र अपने पीछे हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पहली पत्नी सीमा की मौत के बाद उन्होंने भागूबाई से दूसरा विवाह किया था। राजेंद्र के परिवार में तीन बच्चे—12 वर्षीय बेटी दिव्या, 10 वर्षीय प्रियंका और 7 वर्षीय बेटा यश हैं। दो भाइयों के पास कुल 12 बीघा कृषि भूमि और दो ट्रैक्टर हैं।
थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह से सोची-समझी हत्या का मामला है। पुलिस ने जमीन विवाद से जुड़े संदिग्धों की लिस्ट तैयार कर ली है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों और समय का पता चल सकेगा।
Leave A Reviews