
भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 32,730 करोड़ 45 हजार रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रावधान किया है।
प्रदेश में 453 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत 97,882 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनसे लगभग 84 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। आंगनवाड़ियों में जियो-फेंसिंग आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है और पारदर्शी ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है। सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 3,768 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पोषण अभियान के तहत पोषण ट्रैकर ऐप से मॉनिटरिंग, 94 प्रतिशत हितग्राहियों का फेस मैचिंग सत्यापन और 60 लाख से अधिक बच्चों व माताओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। पोषण आहार के लिए 1,150 करोड़ और पोषण अभियान हेतु 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। “मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम” के माध्यम से 7.37 लाख गंभीर कुपोषित बच्चों में से 3.71 लाख को सामान्य श्रेणी में लाया गया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना बन चुकी है। 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक 52,305 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2026-27 में 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 52.56 लाख बालिकाओं का पंजीयन हो चुका है और इसके लिए 1,801 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं।
प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और 8 नए केंद्र स्वीकृत हुए हैं। महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से 1.43 लाख से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 386 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण, जनजातीय क्षेत्रों में विशेष आंगनवाड़ी स्वीकृति, महिला उद्यमिता को बढ़ावा और कार्यस्थल पर सुरक्षित आवास जैसी पहलों ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण, पोषण सुधार और बाल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश समावेशी विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

Leave A Reviews