
सागर जिले में बीना-कटनी रेल मार्ग पर बीती रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। गणेशगंज स्टेशन के पास कोयले से लदी एक चलती मालगाड़ी की बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। बोगी से उठते धुएं और आग की लपटों को देख रेलवे अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, रेल कर्मचारियों की सूझबूझ और दमकल विभाग की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे करोड़ों की रेलवे संपत्ति खाक होने से बच गई।
जानकारी के अनुसार, कोयले से लदी यह मालगाड़ी कटनी से बीना की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन गणेशगंज स्टेशन के पास पहुंची, वहां तैनात रेल कर्मियों ने एक बोगी से भारी धुआं निकलते देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि बोगी के भीतर आग सुलग रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अशोक उपाध्याय अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि आग बुझाने में थोड़ी भी देरी होती, तो पूरी ट्रेन इसकी चपेट में आ सकती थी। आग लगने के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन प्राथमिक जांच में इसे तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से आग बुझाने के दौरान इस रूट पर रेल यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। स्थिति सामान्य होने और तकनीकी जांच के बाद ट्रेनों का परिचालन पुनः शुरू कर दिया गया है।
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन अब इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि कोयले से लदी बोगी में आग लगने का असली कारण क्या था। क्या ट्रेन की रवानगी के वक्त तकनीकी निरीक्षण में कोई चूक हुई थी या यह कोई अन्य बाहरी कारण था? जांच दल अब बोगी के लोड और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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