
सतना जिले में मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। गार्ड ऑफ़ ऑनर के साथ मेडिकल कॉलेज को अमर ज्योति ने सौंपी वरिष्ठ समाजसेवी श्री लद्दाराम वरंदानी जी की पार्थिव देह। अमर ज्योति नेत्रदान संस्था के तत्वावधान में पुष्पराज कॉलोनी निवासी स्वर्गीय लद्दाराम वरंदानी का पार्थिव शरीर शासकीय मेडिकल कॉलेज, सतना को चिकित्सा शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पूरे सम्मान के साथ समर्पित किया गया।
संस्था के संयोजक मनोहर डिगवानी ने बताया कि दादा लद्दाराम जी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए 17 जनवरी 2017 को ही अमर ज्योति के माध्यम से मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया था। शुक्रवार, 6 नवंबर को उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान का साहसिक व अनुकरणीय निर्णय लिया। परिजनों ने संस्था के सहयोग से आवश्यक विधिक व चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूर्ण कर देह को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया।

अमर ज्योति संस्था के सक्रिय सदस्य विनोद गेलानी ने जानकारी दी कि संस्था द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत अब तक कुल 6 पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को अध्ययन हेतु सौंपी जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के 91 से अधिक प्रबुद्ध नागरिक मरणोपरांत देहदान का संकल्प पत्र भर चुके हैं।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने कहा कि देहदान महादान है। मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत भावी चिकित्सकों को व्यावहारिक ज्ञान और मानव शरीर की संरचना को समझने के लिए पार्थिव शरीर की आवश्यकता होती है। दादा लद्दाराम जी का यह त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए कुशल डॉक्टर तैयार करने में अमूल्य योगदान देगा। इस पूरे सेवा कार्य और अंतिम विदाई में सिंधी समाज के प्रतिनिधियों व प्रबुद्धजनों की विशेष सहभागिता रही।
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