
सतना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का अधिक मूल्य दिलाने आगामी खरीफ विपणन सीजन में धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जायेगी। उन्होंने कहा कि स्लीमनाबाद टनल के कार्य पूर्ण होने और नर्मदा का जल सतना जिले में आने पर सिंचाई का रकबा और भी बढेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब किसानों को दिन में सिंचाई के लिए लगातार 10 घंटे बिजली दी जायेगी।
उन्होंने किसानों को खेती से आय बढाने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियां भी अपनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना में कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, राज्य सहकारी बैंक अपेक्स के चेयरमैन महेन्द्र सिंह यादव, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, किसान मोर्चा के कप्तान सिंह यादव, प्रदेश संयोजक कपिल मार्वे, जिलाध्यक्ष सतना भगवती प्रसाद पाण्डेय, किसान मोर्चा अध्यक्ष कृष्णा पाण्डेय, विनोद यादव, रमाकांत, पुष्पेन्द्र सहित कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय, उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह सहित बडी संख्या में जिले भर के प्रगतिशील किसान और किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान वर्ष के रूप में मनाकर किसानों के लिए जनकल्याणकारी और जनहितैषी कार्यो को आगे बढाया जा रहा है। सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी खरीफ विपणन में किसानों की उपज का अधिक से अधिक मूल्य दिलाने धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी बढाने पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां भी अपनानी होगी।
उन्होंने कहा कि सतना जिले में निकट भविष्य में मां नर्मदा का जल आने वाला है। इससे सिंचाई का रकबा बढेगा। जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा केन-बेतवा नदी प्रोजेक्ट की तरह मां मंदाकिनी को भी बारह महीने सदानीरा बनाने का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई के लिए किसानों को अब दिन में लगातार 10 घंटे बिजली दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के प्रगतिशील किसान और योजनाओं से लाभांवित किसानों से भी संवाद किया।

इस मौके पर सोहावल विकासखण्ड के उद्यानिकी के प्रगतिशील किसान शांति नारायण पाण्डेय ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से उन्होंने सवा करोड की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है। लगभग 30 सालों से गौ-पालन भी कर रहे है। वर्तमान में 400 गाय पाल रहे है और कामधेनु योजना से उन्होंने 3 यूनिट भी स्वीकृत कराई है। शांति नारायण पाण्डेय ने कहा कि किसानों को मूल स्वरूप में आने के लिए कम से कम 2 गाय पालनी चाहिए।
विकासखण्ड मझगवां के झरी ग्राम के अनिल उपाध्याय ने बताया कि उनके पास 3 एकड जमीन है। जिस पर जैविक खेती कर रहे है। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन के लिए पशुपालन की गतिविधियां भी अपना रहे हैं। जिससे लगभग 2 लाख रूपये की आय हो रही है। विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि वह स्वयं क्षेत्र के किसान होने के नाते किसानों को प्रेरित कर फूड प्रोसेसिंग के लिए 300 एकड में हल्दी और 300 एकड क्षेत्र में अदरक की फसल किसानों से लगवा रहे है। विधायक श्री गहरवार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और किसानों को दिन में लगातार 10 घंटे सिंचाई के लिए बिजली देने के फैसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों की ओर से धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बलराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और एपेक्स बैंक के चेयरमैन महेन्द्र सिंह यादव ने सतना जिले के प्रगतिशील किसान तुर्री सोहावल के अशोक कुमार द्विवेदी, हिरौदी मझगवां की कमला बाई जायसवाल, जमुना रामपुर बघेलान के नागेन्द्र सिंह, कोडर नागौद के रमन सिंह, मैनहा उचेहरा के गैवी प्रसाद दहायत, माधा सोहावल की श्वेता मिश्रा, भटनवारा उचेहरा के लालचन्द्र पाण्डेय, हिलौंधा नागौद के लालाराम बागरी, नकटी सोहावल के शिवकुमार सिंह और सुरदहा के संजीव कुमार मिश्रा को शाल-श्रीफल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि उपज प्रांगण में कृषि योजनाओं और कृषि उत्पादों से संबंधित आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को खेती-किसानी की सम-समायिक सलाह और उन्नत खेती, जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई।

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