
सतना, देशबन्धु। शहर के भरहुत नगर में आवासीय मकानों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ हाउसिंग बोर्ड ने कार्रवाई शुरू की है। अब तक 6 मकानों की लीज रद्द की जा चुकी है, जबकि 24 भवन मालिकों को दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के नोटिस दिए गए हैं। कार्रवाई के बाद प्रभावित लोग विरोध में घर-घर जाकर समर्थन जुटा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि भरहुत नगर के करीब एक हजार मकानों में किसी न किसी तरह की व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई से करीब 10 हजार लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। कई प्रतिष्ठान पहले ही बंद हो चुके हैं।
भरहुत नगर के रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी करीब 40 साल पुरानी है। यहां कई वर्षों से लोग अपने मकानों में दुकान, क्लीनिक और दूसरे व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि नगर निगम की ओर से इन व्यावसायिक गतिविधियों पर कमर्शियल टैक्स लिया जाता रहा है और व्यापार के लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। उनका यह भी कहना है कि 10 साल पुरानी संपत्तियों को फ्री होल्ड करने का नियम होने के बावजूद कई लोगों को अभी तक मालिकाना हक नहीं मिला है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि कई परिवारों की आय इन्हीं दुकानों और प्रतिष्ठानों से चलती है। कार्रवाई के बाद कुछ प्रतिष्ठान बंद हो चुके हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अचानक व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने के बजाय इस मामले में कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए।
तो वहीं हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि भरहुत नगर में करीब 50 एकड़ क्षेत्र में कॉलोनी विकसित की थी। यहां एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कुल 858 आवासीय मकान बनाए गए हैं। संपदा अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि इनमें से कई मकानों के मूल स्वरूप में बदलाव कर स्कूल, शोरूम, रेस्टोरेंट, क्लीनिक, नर्सिंग होम और कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक उपयोग बंद करने के लिए पहले 24 भवन मालिकों को नोटिस दिए गए थे। इसके
बावजूद गतिविधियां जारी रह्वे पर पहले चरण में 6 मकानों की लीज निरस्त की गई है। अन्य मामलों में भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
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