
सतना शहर में गहराते जल संकट और नलों से आ रहे दूषित पानी के विरोध में शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। सतना नगर पालिक निगम में नेता प्रतिपक्ष मिथिलेश सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने शहर के मुख्य वाटर फिल्टर प्लांट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भाजपा के पार्षदों का भी खुला समर्थन मिला। भाजपा पार्षद अभिषेक तिवारी और राजेंद्र दहिया भी धरना स्थल पर पहुंचे और शहर की बदहाल पेयजल व्यवस्था को लेकर अपनी ही पार्टी के नियंत्रण वाले निगम प्रशासन के खिलाफ खड़े नजर आए।
धरने को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष मिथिलेश सिंह ने कहा कि सतना की जनता पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट और गंदे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। इस संवेदनशील मुद्दे को नगर निगम परिषद की बैठकों से लेकर निगमायुक्त व महापौर के समक्ष दर्जनों बार उठाया गया, लेकिन केवल खोखले आश्वासन ही मिले। पार्षदों ने कहा कि मानसून के दौरान भारी बारिश होने के बावजूद कई वार्डों में पानी की सप्लाई बंद है और जिन इलाकों में जलप्रदाय हो रहा है, वहां नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। इससे नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में जलजनित संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने नगर निगम द्वारा पानी सप्लाई को ऑटोमेट करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए स्काडा (SCADA) सिस्टम की उपयोगिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्षदों का सीधा आरोप है कि भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद भी शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी नवाचार के नाम पर केवल जनता के पैसों की बर्बादी की गई है। पार्षदों ने मांग की कि:
पानी के शुद्धिकरण में उपयोग किए जाने वाले ब्लीचिंग पाउडर, एलम और अन्य रसायनों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सभी जोनों और वार्डों से पानी के रैंडम सैंपल लेकर नियमित लैब टेस्टिंग रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
स्काडा के नाम पर किए जा रहे प्रयोगों को तत्काल बंद किया जाए।
धरना स्थल पर मौजूद पार्षदों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि शहर के सभी वार्डों में जल सप्लाई का समय निर्धारित किया जाए और तय समय पर पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल हो। इसके साथ ही उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में निजीकरण और आउटसोर्सिंग के दखल को पूरी तरह समाप्त कर इसकी सीधी कमान नगर निगम प्रशासन के हाथों में देने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामकुमार तिवारी, पार्षद अमित अवस्थी, के.के. सिंह, पंकज कुशवाहा, तिलकराज सोनी, सुरेंद्र चौधरी, संजू यादव, मीना माधव, मंडलम अध्यक्ष शरद सिंह और राहुल सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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