
सतना। मध्य प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती निवेदिता शर्मा ने शनिवार को अपने सतना प्रवास के दौरान जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल संरक्षण तंत्र की व्यापक समीक्षा की। सर्किट हाउस सतना में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के जमीनी क्रियान्वयन और बाल सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की प्रभावशीलता पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान आयोग की अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में बच्चों के अधिकारों का किसी भी स्तर पर हनन न हो। उन्होंने विशेष रूप से चौराहों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को चिन्हित कर उनके पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही पॉक्सो मामलों में पीड़ितों को समय पर विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और त्वरित राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा।
समीक्षा बैठक के उपरांत श्रीमती निवेदिता शर्मा ने शासकीय हाई स्कूल सिविल लाइन का औचक निरीक्षण किया।
व्यवस्थाओं की पड़ताल: उन्होंने परिसर में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, उदिता कॉर्नर और विद्यार्थियों के लिए लगाई गई सुझाव पेटी की स्थिति जांची।
भवन सुधार के निर्देश: कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान छतों से पानी के रिसाव (सीपेज) और रंगाई-पुताई की कमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को अविलंब मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित व अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
आयोग की अध्यक्ष ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के बालिका छात्रावास का भी सघन निरीक्षण किया:
छात्राओं से सीधा संवाद: उन्होंने छात्रावास में निवासरत बालिकाओं से आत्मीय संवाद कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
गुणवत्तापूर्ण भोजन: रसोई और भंडारण कक्ष का जायजा लेते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि बालिकाओं को तय पोषण मेन्यू के अनुरूप ही ताजा व गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाए।
सुरक्षा व निगरानी: परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता जांची और आगंतुक (विजिटर) रजिस्टर के संधारण का मिलान किया। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।
इस निरीक्षण व बैठक के दौरान श्रीमती चन्द्रकिरण श्रीवास्तव, श्रीमती मंजूषा शाह, राकेश तिवारी, श्रीमती अंजना तिवारी, कामता पाण्डे, श्याम किशोर द्विवेदी, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास सतना, डॉ. दिवाकर तिवारी एवं भूपेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
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