
जबलपुर। WCR महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को कोटा मंडल के आधिकारिक दौरे के दौरान मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में विभिन्न शाखा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कोटा मंडल के सभी प्रमुख विभागों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और तकनीकी सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। इसके उपरांत, उन्होंने अधिकारी क्लब कोटा में आयोजित पांच दिवसीय सघन 'प्रबंधन विकास कार्यक्रम' (Management Development Program) के समापन समारोह में शिरकत कर प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों से संवाद किया और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए।
समापन समारोह में मंडल रेल प्रबंधक (कोटा) अनिल कालरा, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक नीरज कुमार तथा प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी सहित अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन उप महाप्रबंधक मनीष कुमार पटेल द्वारा किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारियों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से परिचालन, संरक्षा, इंजीनियरिंग और तकनीकी सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक ने अधिकारियों को निर्देशित किया:
दैनिक कार्यप्रणाली में नवाचार: नवाचार केवल कागजों तक सीमित न रहकर दैनिक रेल संचालन और फील्ड वर्क का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
AI और IT का प्रभावी उपयोग: रेलवे की कार्यक्षमता और सटीकता को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसी आधुनिक तकनीकों का अधिकतम समावेश किया जाए।
सिस्टम आधारित व्यवस्था: रेल प्रशासन का ढांचा किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर होने के बजाय एक मजबूत और स्वचालित प्रणाली (System-based Process) पर आधारित होना चाहिए।
संरक्षा और गुणवत्ता सर्वोच्च: यात्री संरक्षा और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न करते हुए तकनीकी उपयोग को परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारी क्लब कोटा में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में पश्चिम मध्य रेल के तीनों मंडलों और मुख्यालय से कुल 40 अधिकारियों ने हिस्सा लिया:
प्रतिभागियों की संख्या: प्रशिक्षण में जबलपुर मंडल एवं मुख्यालय से 17, भोपाल मंडल से 12 तथा कोटा मंडल से 11 अधिकारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के मुख्य विषय: पांच दिनों तक चले इस सत्र में अधिकारियों को आधुनिक नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन तथा बदलते कार्य परिवेश में आधुनिक तकनीक के अनुकूलन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि सीमित संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग और मशीनीकरण का समुचित तालमेल संगठन की उत्पादकता को कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने रेलवे से संबंधित परिचालन आंकड़ों और सूचनाओं के सुव्यवस्थित एवं केंद्रीकृत डेटा बैंक (Centralized Data Collection) के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आपातकालीन और नीतिगत निर्णयों को त्वरित व सटीक बनाया जा सके। अंत में, उन्होंने सभी प्रशिक्षित अधिकारियों को प्रशिक्षण में सीखे गए कौशल को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया।
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