
रियाद. मध्य पूर्व (Middle East) में क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बिगड़ रहे हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की कथित उकसावे वाली कार्रवाइयों से नाराज होकर सऊदी अरब ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. सऊदी विदेश मंत्रालय ने रविवार सुबह एक आपातकालीन निर्देश जारी कर सभी ईरानी दूतावास अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है.
मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला रियाद
सऊदी अरब की सेना ने पुष्टि की है कि उनकी रक्षा प्रणालियों ने राजधानी रियाद की ओर दागी गई 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. इसके अतिरिक्त, एक ईरानी ड्रोन को भी मार गिराया गया है. सऊदी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का आरोप
सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान निम्नलिखित सिद्धांतों का पालन करने में विफल रहा है:
बीजिंग समझौता: तेहरान ने हालिया शांति समझौतों की शर्तों को ताक पर रख दिया है.
UNSC प्रस्ताव 2817: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन कर क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाला गया है.
संप्रभुता का हनन: सऊदी अरब का कहना है कि ईरान एक जिम्मेदार पड़ोसी की तरह व्यवहार करने के बजाय पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है, जिससे इस्लामिक एकता को भी भारी नुकसान पहुँचा है.
गंभीर परिणाम की चेतावनी
सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि ईरान की इन गतिविधियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. राजनयिक संबंधों के इस स्तर तक गिरने से खाड़ी देशों में तनाव चरम पर पहुँच गया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है.
Leave A Reviews