
भोपाल. मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve) से वन्यजीव प्रबंधन नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रिजर्व में तैनात प्रभारी सहायक संचालक (SDO) और बोरी रेंज के प्रभारी अधीक्षक विनोद वर्मा को एक जंगली सांभर हिरण को पोहा खिलाने और उसे पालतू पशु की तरह पुचकारने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। वन विभाग ने यह कड़ा एक्शन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद लिया है, जिसमें अधिकारी वन्यजीव के साथ नियमों के खिलाफ जाकर अनुचित व्यवहार करते नजर आ रहे थे।
बॉलीवुड गाने के साथ वायरल हुआ था वीडियो यह पूरा मामला सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की चूरना फॉरेस्ट रेंज (Churna Forest Range) का है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए 22 सेकंड के इस वीडियो में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विनोद वर्मा जंगल में एक पेड़ के नीचे नाश्ते की मेज (Breakfast Table) पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनकी प्लेट में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध नाश्ता 'पोहा' रखा हुआ है। इसी दौरान वहां एक पूर्ण विकसित जंगली सांभर हिरण उनके बिल्कुल नजदीक आकर खड़ा हो जाता है। अधिकारी बिना किसी डर या हिचक के उसे अपने हाथों से पोहा खिलाने लगते हैं।
हैरानी की बात यह है कि वीडियो में अधिकारी उसे न केवल इंसानी खाना खिलाते हैं, बल्कि एक पालतू डॉग या बिल्ली की तरह उसकी पीठ थपथपाते और पुचकारते भी नजर आ रहे हैं। इस पूरे वीडियो के बैकग्राउंड में वर्ष 1969 की प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म 'प्यार का मौसम' का गाना 'तुम बिन जाऊं कहां' बज रहा है। बताया जा रहा है कि यह रील्स या वीडियो स्वयं अधिकारी द्वारा ही कुछ दिन पहले रिकॉर्ड या साझा किया गया था, जो बाद में लीक होकर वायरल हो गया।
राखी नंदा ने जारी किया निलंबन आदेश वीडियो के सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की कि एक जंगली जानवर को इंसानी खाना खिलाना उसकी सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है और इससे उसकी प्राकृतिक शिकार या चरने की आदत भी बिगड़ती है। मामले की गंभीरता और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक (Field Director) राखी नंदा ने विनोद वर्मा के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
निलंबन आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि वीडियो में अधिकारी का एक संरक्षित वन्यजीव (सांभर) के साथ किया गया व्यवहार पूरी तरह से अस्वाभाविक, गैर-जिम्मेदाराना और अनुचित था। आदेश के मुताबिक, उनका यह कृत्य शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है, जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का सीधा उल्लंघन है। सस्पेंशन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया (Pipariya) तय किया गया है।
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