
मैहर जिले में चल रही बड़ी सीमेंट कंपनियों पर अब त्योहारों की आड़ में सरकारी सेटिंग करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। दिवाली जैसे पर्व को बहाना बनाकर कंपनियों के लैंड डिपार्टमेंट के कर्मचारी तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाते हैं और राजस्व कर्मचारियों को गिफ्ट देकर अपने काम निकलवाते हैं, ऐसा ही एक वीडियो मैहर तहसील कार्यालय से सामने आया है, भेजे गए वीडियो में तहसील परिसर में एक व्यक्ति हाथ में गिफ्ट पैकेट लेकर घूमता दिख रहा है।
आरोप है कि यह व्यक्ति अल्ट्राटेक सीमेंट मैहर का कर्मचारी दिनेश यादव है, जो तहसील के अंदर राजस्व विभाग के कर्मचारियों को दिवाली का उपहार बांट रहा था। वीडियो में वह गिफ्ट लेकर गाड़ी से बाहर तहसील कार्यालय की तरफ जा रहा है वही एक कर्मचारी गाड़ी से कार्टून बाहर फेंक रहा है,
सेटिंग का खेल समझिए -
मैहर में अल्ट्राटेक समेत कई सीमेंट प्लांट हैं। इन पर जमीन अधिग्रहण, प्रदूषण, ओव्हरलोड ट्रक, कानफोड़ू ब्लास्टिंग, अवैध उत्खनन से सड़क खराब करने और ग्रामीणों की जमीन हड़पने जैसे सैकड़ों आरोप जनता लगाती रही है। इन सभी मामलों के कागज राजस्व विभाग और तहसील से ही बनते-बिगड़ते हैं।
ऐसे में त्योहारों पर गिफ्ट बांटकर साहब और बाबुओं को खुश रखना, कंपनी की पुरानी रणनीति बन गई है।
जनता पूछ रही है सवाल -
1. सरकारी कार्यालय में बैठकर कोई कर्मचारी निजी कंपनी का गिफ्ट कैसे ले सकता है?
2. क्या गिफ्ट लेने के बाद वही कर्मचारी कंपनी के खिलाफ आई शिकायत पर ईमानदारी से कार्रवाई करेगा?
3. रोड पर उड़ती धूल और प्रदूषण पर कार्रवाई न होने के पीछे कहीं यही गिफ्ट कल्चर तो नहीं?
कल तक युवा अल्ट्राटेक के प्रदूषण और उसके कर्मचारियों की नेतागिरी पर सवाल उठा रहे थे, आज तहसील कार्यालय से गिफ्ट बांटने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है।
लोगों का कहना है कि त्योहारों के नाम पर हो रही इस सेटिंग की कलेक्टर मैहर को जांच करानी चाहिए और सरकारी कार्यालयों में निजी कंपनियों के गिफ्ट लेने पर रोक लगानी चाहिए।
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