
शहडोल जिले में आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की बुनियादी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में लगातार दूसरे दिन छात्र-छात्राओं के पैदल जिला मुख्यालय की ओर कूच करने का गंभीर मामला सामने आया है। ताजा घटनाक्रम में ब्यौहारी विकासखंड अंतर्गत मॉडल खड़ुहली विद्यालय के छात्र छात्रावास और स्कूल की बदहाली से नाराज होकर कलेक्टर से मिलने के लिए करीब 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय की ओर पैदल निकल पड़े। छात्र रीवा-शहडोल स्टेट हाईवे पर कतारबद्ध होकर पैदल आगे बढ़ रहे थे और सुबह 10 बजे तक करीब 6 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुके थे।
छात्रों का कहना है कि छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है और विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने सीधे जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले ही जयसिंहनगर के आवासीय विद्यालय की छात्राएं भी छात्रावास की बाउंड्री वॉल फांदकर कलेक्टर से मिलने के लिए करीब 40 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर चुकी थीं। जिले के विभिन्न आवासीय विद्यालयों से छात्रों का इस तरह सड़कों पर उतरना छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
छात्रों के हाईवे पर पैदल निकलने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अतुल चौधरी ने बताया कि उन्हें छात्रों के पैदल मार्च की सूचना मिलते ही विभागीय अमले को मौके पर रवाना कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्र मुख्य रूप से स्कूल पहुंच मार्ग की बदहाली और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि एक दिन पहले छात्रों के बीच किसी बात को लेकर आपसी विवाद भी हुआ था। प्रशासन द्वारा प्रशासनिक दल और शिक्षकों को भेजकर छात्रों को रास्ते में ही रोककर समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके और उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण कराया जा सके।
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