
शिवपुरी जिले में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस कोतवाली थाने पर दशहरे के पावन पर्व पर शहर भर में शांति व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा था, उसी कोतवाली परिसर में मंगलवार देर रात वर्दीधारी पुलिसकर्मी आपस में भिड़ गए। विवाद इतना उग्र हो गया कि बात लात-घूंसों से शुरू होकर लाइसेंसी बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग और परिसर में खड़ी कार में तोड़फोड़ तक जा पहुंची।
घटना के बाद पुलिस विभाग की भारी किरकिरी होते देख पुलिस अधीक्षक (SP) यांगचेन डोलकर भूटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार देर रात त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना प्रभारी (टीआई) को लाइन अटैच कर दिया गया, जबकि अनुशासनहीनता और इस गंभीर कृत्य में शामिल पाए गए आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दशहरा पर्व पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हवलदार विनय कुमार और शरद यादव के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पुलिसकर्मी एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर मारपीट होने लगी।
झड़प के दौरान आक्रोश में आकर एक पुलिसकर्मी ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और थाने के भीतर ही एक के बाद एक तीन राउंड फायर झोंक दिए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे कोतवाली परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। विवाद के दौरान कोतवाली में खड़ी एक निजी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।
चर्चा है कि घटना के समय एक पुलिसकर्मी अत्यधिक नशे की हालत में था। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
हद तो तब हो गई जब कोतवाली परिसर में हंगामे के बाद दोनों पुलिसकर्मी शहर के एक पुलिस सहायता केंद्र पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही दोनों के बीच फिर से वही हिंसक झड़प और गाली-गलौज शुरू हो गई। ड्यूटी पर तैनात अन्य जवानों और राहगीरों के सामने पुलिस सहायता केंद्र पर भी दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि तार-तार हो गई।
त्योहार की रात कानून के रखवालों द्वारा इस तरह खुलेआम गोलीबारी और मारपीट की खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार शाम पुलिस अधीक्षक (SP) यांगचेन डोलकर भूटिया स्वयं एसडीओपी सचिन धुर्वे के साथ कोतवाली थाने पहुंचीं और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद के पीछे किसी जुए के फड़ से वसूली गई रकम के बंटवारे को लेकर खींचतान होने की बात सामने आ रही है। एसपी ने पूरे मामले की विभागीय व दंडात्मक जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में अराजकता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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