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सीबीआई और इंटरपोल की बड़ी पहल, जानवरों की तस्करी रोकने के लिए थाईलैंड के साथ मीटिंग आयोजित


नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में जानवरों की तस्करी पर भारत-थाईलैंड केस कोऑर्डिनेशन मीटिंग शुरू की। इस दो दिवसीय बैठक का मकसद विदेशी वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ सीमा-पार सहयोग को मजबूत करना है।

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में जानवरों की तस्करी पर भारत-थाईलैंड केस कोऑर्डिनेशन मीटिंग शुरू की। इस दो दिवसीय बैठक का मकसद विदेशी वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ सीमा-पार सहयोग को मजबूत करना है।

2-3 सितंबर को हो रही इस मीटिंग को सीबीआई और इंटरपोल के एनवायरनमेंटल सिक्योरिटी सब-डायरेक्टरेट (ईएनएस) मिलकर आयोजित कर रहे हैं।

सीबीआई के अनुसार, पूरे एशिया में बढ़ती हुई पशु तस्करी चिंता बन गई है। दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के बीच विदेशी प्रजातियों की तस्करी में काफी बढ़ोतरी हुई है।

थाईलैंड, मलेशिया, और इंडोनेशिया से भारत जैसे देशों में पशुओं को ले जाने के लिए अक्सर हवाई मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें सिंगापुर अक्सर एक ट्रांजिट हब के तौर पर काम करता है। तस्करी का एक और इस्तेमाल होने वाला रास्ता थाईलैंड से म्यांमार होते हुए जाने वाला जमीनी मार्ग है।

दो दिन के इस कार्यक्रम में प्रतिभागी विदेशी प्रजातियों की तस्करी के ट्रेंड, तस्करी के मुख्य रास्तों, अपराधी नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले छिपाने के तरीकों और तस्करों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।

मीटिंग का उद्घाटन करते हुए सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर मनोज शशिधर ने कहा कि पशु तस्करी अब सिर्फ वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध बन गया है, जिसमें छिपाने और परिवहन के आधुनिक तरीकों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सीमा-पार संबंध भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि तस्करी किए गए पशुओं की आवाजाही में अक्सर कई बिचौलिए और रास्ते शामिल होते हैं, जिससे जांच में मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर मिलता है। शशिधर ने पशु तस्करी में शामिल भगोड़ों के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी करवाने के महत्व पर भी जोर दिया।

थाईलैंड के अधिकारियों के अलावा, इस मीटिंग में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई), उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स, मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, ओडिशा वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग और सीबीआई के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।

सीबीआई ने कहा कि नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी)-नई दिल्ली के तौर पर वह पशु तस्करी से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है और पिछले दो वर्षों में इंटरपोल के साथ मिलकर कई विदेशी अधिकार-क्षेत्रों को शामिल करते हुए दो क्षेत्रीय जांच और विश्लेषणात्मक केस मीटिंग्स आयोजित कर चुकी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

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