
भिंड में भीषण गर्मी के बीच अचानक आए आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई है।
भिंड जिले में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी, चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण हर तरफ तबाही का मंजर है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे जिले के जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीती रात आई इस आपदा में एक महिला सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई मवेशियों की भी जान चली गई है।
जिले के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की यह मार जानलेवा साबित हुई है। देहात थाना क्षेत्र के सदारीपुरा और चरथर गांव में बीती रात आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार बकरियों ने भी दम तोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
दूसरी तरफ, गोहद के सर्वा गांव में तूफानी हवाओं के चलते एक तबेले की भारी-भरकम दीवार ढह गई। मलबे में दबने से एक भैंस की मौत हो गई और दो अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए।
गोहद में एक अन्य दुखद घटना में कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष के बेटे जितेंद्र सिंह तोमर की जान चली गई। वे रात में अपने घर में सो रहे थे, तभी तेज तूफान के दबाव से छत की पटिया उखड़कर उन पर गिर गई।
इसी तरह की गंभीर स्थिति मौ क्षेत्र के अतरसोंहा गांव में देखने को मिली। यहाँ जगमोहन सिंह गुर्जर के घर की छत अचानक ढह गई, जिससे तीन भाई मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद 50 वर्षीय शिव कुमार गुर्जर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में घायल अन्य दो भाइयों, रामवीर सिंह (45) और अमर सिंह गुर्जर (65) को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौसम के इस तांडव के कारण मेहगांव में एक ऑटो के ऊपर भारी पेड़ गिर गया। इस हादसे में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि चालक की जान चमत्कारिक रूप से बच गई। तूफान का असर शहर की मुख्य व्यवस्थाओं पर भी पड़ा है। जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पेड़ गिरने से मरीजों का आवागमन बाधित रहा। इसके अलावा, पूरे जिले में सैकड़ों बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। फिलहाल, जिला प्रशासन नुकसान का विस्तृत आंकलन करने और राहत कार्य चलाने में जुटा है।
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