
जयपुर. राजस्थान की राजधानी के महेश नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ सस्पेंड चल रहे एक लेक्चरर मनोहर लाल भादू (35) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद मृतक का शव करीब तीन घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा और उसके ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं, जिसे बाद में एक चश्मदीद ने ट्रैक से हटाया.
सुसाइड नोट में पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मनोहर लाल ने मरने से पहले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट अपने दोस्तों को भेजा, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.
इरादतन हत्या का आरोप: मनोहर ने लिखा, "मैं मरा नहीं हूँ, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है."
भ्रष्टाचार और वसूली: उन्होंने एसओजी (SOG) के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और पैसे ऐंठने की कोशिश करने के आरोप लगाए.
गलत फंसाने का दावा: मनोहर का कहना था कि पुराने मामलों में उनका नाम नहीं होने के बावजूद जांच अधिकारियों ने मिलीभगत कर उन्हें चार नए मामलों में घसीट लिया.
3 घंटे तक ट्रैक पर रहा शव, संवेदनहीनता की हद
प्रत्यक्षदर्शी रवि (निवासी मध्य प्रदेश) ने बताया कि हादसा होने के बाद घंटों तक पुलिस या प्रशासन का कोई व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा. इस दौरान तीन ट्रेनें शव के ऊपर से निकल गईं. अंत में रवि ने स्वयं हिम्मत दिखाकर शव को पटरी से हटाकर किनारे रखा और पुलिस को सूचित किया.
आर्थिक तंगी और पारिवारिक बोझ
मूल रूप से जालोर के रहने वाले मनोहर के तीन बच्चे और पत्नी गांव में रहते हैं. वे पिछले 4 साल से निलंबन और कोर्ट कचहरी के चक्करों में दोस्तों से उधार लेकर जीवन यापन कर रहे थे. उन्होंने लिखा कि वह 20 सदस्यों वाले परिवार के इकलौते सहारा थे, लेकिन झूठे आरोपों ने उन्हें तोड़ दिया.
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