
वॉशिंगटन डीसी. मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग की तपिश अब सीधे अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन तक पहुँच गई है. पेंटागन के पास स्थित एक महत्वपूर्ण मिलिट्री बेस के ऊपर गुरुवार को कई अज्ञात ड्रोन देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है.
सुरक्षा में बड़ी सेंध: बड़े नेताओं पर मंडराया खतरा?
अज्ञात स्थानों पर शिफ्ट किए गए मंत्री: जिस इलाके में ड्रोन देखे गए, वहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आवास हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों नेताओं को किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है.
हाई अलर्ट पर वॉशिंगटन: पूरी राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. एफबीआई (FBI) और रक्षा विभाग यह जांच कर रहे हैं कि क्या ये ड्रोन किसी विदेशी शक्ति, विशेषकर ईरान, द्वारा भेजे गए थे.
ट्रंप की रणनीति में बदलाव: दिलचस्प मोड़ यह है कि एक ओर जहां ड्रोन से तनाव बढ़ा है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान के तेल और गैस ठिकानों पर सीधा हमला न करने का संकेत दिया है, ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट को टाला जा सके.
ईरान का अड़ियल रुख: "माफी और हर्जाना चाहिए"
ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं. तेहरान ने मांग की है कि जब तक अमेरिका अपने कृत्यों के लिए माफी नहीं मांगता और हर्जाना नहीं देता, तब तक उनका संघर्ष और आक्रामक रुख जारी रहेगा. कतर के गैस प्लांट पर हुए हमले के बाद यह नई घटना आग में घी डालने का काम कर रही है.
प्रमुख सवाल: क्या यह 'होमलैंड' पर हमला है?
यदि जांच में इन ड्रोन्स का संबंध ईरान या उसके समर्थित समूहों से निकलता है, तो यह दशकों बाद पहली बार होगा जब किसी शत्रु देश ने सीधे अमेरिकी मुख्य भूमि (Mainland) की जासूसी या धमकी देने की कोशिश की है.
Leave A Reviews