Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

तेंदूखेड़ा: पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य समापन, गजरथ शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र


तेंदूखेड़ा, देशबंधु. पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का 16 दिसम्बर को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। छ: दिवसीय इस पावन आयोजन ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक उत्सव के रंग में रंग दिया। समापन दिवस पर आयोजन स्थल से भव्य गजरथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने आयोजन स्थल पर स्थित पंडाल की परिक्रमाएं करते हुए श्रद्धालुओं को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया।

इस दौरान नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सभी समाजों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और धर्ममय वातावरण के साक्षी बने। तत्पश्चात पट्टाचार्य चर्याशिरोमणी 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ एवं मुनि संघ के प्रवचन हुए। कार्यक्रम समापन पर  नव-निर्मित श्री 1008 मुनिसुब्रतनाथ जिनालय में कलश चढ़ाया गया एवं पूजन अर्चन के साथ प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

यह महोत्सव पट्टाचार्य चर्याशिरोमणि 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ एवं मुनि संघ के मंगल सानिध्य में अयोध्यापुरी कलश गार्डन के सामने आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिष्ठाचार्य एवं सह-प्रतिष्ठाचार्यों के निर्देशन में समस्त धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हुए।

समापन अवसर पर पहुंचे विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल- पंचकल्याणक महोत्सव के समापन अवसर पर तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल, नगर परिषद अध्यक्ष पं. विष्णु शर्मा सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने आचार्य एवं मुनि संघ का आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजन की भव्यता, अनुशासन और व्यवस्थाओं की सराहना की। 

मेले का किया गया आयोजन- गजरथ पंचकल्याणक महोत्सव के साथ नगर में चल रहे भव्य मेले ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिदिन प्रभात फेरियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं धार्मिक आयोजन होते रहे। मेले में झूले, मनोरंजन के साधन तथा 50 से अधिक दुकानें श्रद्धालुओं एवं बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रहीं। नगर के मुख्य मार्ग स्वागत द्वारों, धार्मिक झांकियों एवं पुष्प सज्जा से सुसज्जित रहे।

समापन अवसर पर आयोजन समिति द्वारा सहयोग प्रदान करने वाले समस्त श्रद्धालुओं, अतिथियों एवं नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस पंचकल्याणक महोत्सव के माध्यम से तेंदूखेड़ा में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक जनमानस में बनी रहेंगी।

Share:

Leave A Reviews

Related News