
नरसिंहपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को जंगली सूअरों ने भारी उत्पात मचाया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए इन हमलों में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में ससुर-दामाद सहित एक युवक और एक अधेड़ शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पहली घटना बम्हनी परतापुर गांव की है, जहाँ सुबह 60 वर्षीय जगदीश परतेती और उनके दामाद राकेश मरावी अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कुत्तों द्वारा खदेड़ा गया एक आक्रामक जंगली सूअर अचानक खेत में घुस आया और राकेश पर हमला कर दिया। जब जगदीश अपने दामाद को बचाने दौड़े, तो सूअर ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में दोनों के पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म आए हैं।
दूसरी घटना स्टेशनगंज थाना क्षेत्र के खपड़ी खमरिया की है। यहाँ 18 वर्षीय ब्रजेश धानक अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी शेढ़ नदी धमना पुल के पास एक जंगली सूअर अचानक उनकी बाइक के सामने आ गया। जोरदार टक्कर के बाद ब्रजेश सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया।
तीसरी वारदात सुआतला थाना क्षेत्र के मलकुही ढाना में हुई। यहाँ 50 वर्षीय रामजी ठाकुर सुबह जब खेत की ओर गए थे, तभी एक जंगली सूअर ने उन पर पीछे से जानलेवा हमला कर दिया। सूअर ने उनकी जांघ और शरीर के पिछले हिस्से को बुरी तरह जख्मी कर दिया। रामजी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और उन्हें सूअर के चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल पहुँचाया।
जंगली जानवरों के बढ़ते मूवमेंट और इन हमलों ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें खेतों में जाने और अकेले निकलने में डर लग रहा है। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से माँग की है कि जंगली सूअरों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Leave A Reviews