
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने एलान किया है कि राज्य की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा।
यह तारीख बंगाल के सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (25वें बैशाख) भी है। भाजपा इस विशेष दिन के जरिए बंगाली अस्मिता और संस्कृति के साथ अपने जुड़ाव का संदेश देना चाहती है।
स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी सरकार बनाने जा रही है। दशकों तक वामपंथी शासन और फिर तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहे इस राज्य में भाजपा ने विपक्ष के सबसे मजबूत किले को ढहा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 9 मई को भाजपा का कोई 'भूमिपुत्र' मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बंगाल के विकास की नई नींव रखेगा।
हालांकि शपथ ग्रहण की तारीख तय हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। भाजपा आलाकमान दिल्ली में लगातार बैठकें कर रहा है। मुख्यमंत्री की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं:
सुवेंदु अधिकारी: भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने के बाद उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
समिक भट्टाचार्य: प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन को जीत दिलाने वाले समिक भी रेस में हैं।
दिलीप घोष और रूपा गांगुली: पुराने दिग्गज नेताओं के नामों पर भी मंथन जारी है।
अग्निमित्रा पॉल: महिला मुख्यमंत्री के विकल्प के तौर पर उनके नाम की चर्चा है।
9 मई को होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड या राजभवन में विशेष इंतजाम किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
बंगाल की जनता अब उस पल का इंतजार कर रही है जब आधिकारिक तौर पर राज्य की कमान नई टीम के हाथों में सौंपी जाएगी। भाजपा ने साफ कर दिया है कि नई सरकार का मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और बंगाल की खोई हुई गरिमा को वापस लाना होगा।
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