
उमरिया। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र में रविवार शाम को एक बाघ ने आदिवासी युवक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना से कुदरी गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है। बाघ के हमले में जान गंवाने वाला युवक लकड़ी और महुआ बीनने जंगल गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कुदरी निवासी रज्जू कोल (46 वर्ष), पिता पितई कोल के रूप में हुई है। रज्जू रविवार को जलाऊ लकड़ी और महुआ इकट्ठा करने के लिए पनपथा कोर क्षेत्र के अंतर्गत चसुरा बीट में गया था। इसी दौरान वहां घात लगाकर बैठे एक बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि रज्जू को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। क्रूरता का आलम यह था कि बाघ ने युवक के शरीर के कुछ हिस्सों को अपना निवाला भी बना लिया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आज सोमवार सुबह पुलिस और वन विभाग की मौजूदगी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिक्षेत्र अधिकारी रमेश सिंह ने पुष्टि की है कि घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा सके और किसी अन्य अनहोनी को रोका जा सके।
इस घटना के बाद वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल के भीतर न जाएं और महुआ या लकड़ी बीनते समय विशेष सावधानी बरतें। कोर क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को जंगलों में प्रवेश न करने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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