
वियतनाम में मंगलवार को टो लाम ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्हें देश की संसद ने सर्वसम्मति से राष्ट्रपति चुना है और वे 2026 से 2031 तक इस पद पर रहेंगे। टो लाम के राष्ट्रपति बनने के साथ ही वियतनाम की दशकों पुरानी ‘सामूहिक नेतृत्व’ की परंपरा समाप्त हो गई है। अब देश के दोनों शीर्ष पद कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख और राष्ट्रपति—एक ही व्यक्ति के पास हैं, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण स्पष्ट रूप से बढ़ा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव वियतनाम को चीन जैसी राजनीतिक संरचना की ओर ले जा सकता है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होने और आर्थिक सुधारों को गति मिलने की संभावना है, लेकिन अधिनायकवाद बढ़ने का खतरा भी है। टो लाम, जो पहले सार्वजनिक सुरक्षा प्रमुख रह चुके हैं, अगले पांच वर्षों तक दोनों पदों की जिम्मेदारी संभालेंगे। जनवरी में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव के रूप में दूसरा कार्यकाल भी मिला है।
विदेश नीति में भी टो लाम सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। 2024 में पूर्व महासचिव Nguyễn Phú Trọng के निधन के बाद उन्होंने कुछ समय तक दोनों पदों की जिम्मेदारी संभाली थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते रहे। विशेषज्ञों के अनुसार सत्ता का केंद्रीकरण राजनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है, लेकिन नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन में तेजी भी ला सकता है।
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