
वॉशिंगटन/तेहरान. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे, विशेषकर उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देगा।
विवाद की जड़: दुनिया की 'लाइफलाइन' पर पहरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर लगाए गए प्रतिबंधों और तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे अमेरिका सहित दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है।
आमने-सामने की धमकियाँ
| पक्ष | कार्रवाई / धमकी |
| अमेरिका (ट्रम्प) | यदि 48 घंटे में होर्मुज नहीं खुला, तो सबसे बड़े पावर प्लांट से तबाही शुरू होगी। |
| ईरान (जुल्फाघारी) | अमेरिकी हमले की स्थिति में मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी-इजराइली डिसेलिनेशन (जल शोधन) प्लांट और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को उड़ा देंगे। |
| ताजा हमला | ईरान ने इजराइल के डिमोना (न्यूक्लियर सेंटर) के पास मिसाइल दागी, जिसमें 20 लोग घायल हुए। |
भारत और BRICS की भूमिका
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने संकट के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की है।
BRICS से अपील: ईरान चाहता है कि भारत की अध्यक्षता में BRICS समूह इस युद्ध को रोकने के लिए स्वतंत्र और सक्रिय भूमिका निभाए।
नया सुरक्षा तंत्र: पजशकियान ने सुझाव दिया कि बाहरी देशों (अमेरिका) के दखल को कम करने के लिए पश्चिम एशियाई देशों को अपना स्वयं का सुरक्षा सिस्टम बनाना चाहिए।
Leave A Reviews