
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) में अपनी जीत का बिगुल फूंक दिया है. 19 मिनट के इस संबोधन में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की कमर तोड़ दी है और उसकी सैन्य क्षमताएं अब लगभग शून्य हो चुकी हैं.
'खत्म हुई ईरान की नेवी और मिसाइल ताकत'
ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान की नौसेना (Navy) पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसकी मिसाइल-ड्रोन क्षमताएं अब किसी काम की नहीं बची हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरा हो चुका है. ट्रम्प के अनुसार, "हमने उन्हें वहां पहुंचा दिया है जहां से वे अब अमेरिका या उसके सहयोगियों के लिए खतरा नहीं बन सकते."
2-3 हफ्ते में 'महाप्रहार' की चेतावनी
जीत के दावों के बीच राष्ट्रपति ने एक कड़ा अल्टीमेटम भी दिया. उन्होंने कहा कि अगले 2 से 3 हफ्तों के भीतर अमेरिका, ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिका उसे 'स्टोन एज' (पाषाण काल) में धकेलने से पीछे नहीं हटेगा.
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन का दावा
ट्रम्प ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है. उनके अनुसार, वर्तमान में वहां जो नई लीडरशिप उभर रही है, वह पिछली कट्टरपंथी सरकार की तुलना में कम चरमपंथी है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोले बिना और पूर्ण सुरक्षा गारंटी के बिना कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं होगा.
युद्ध की तुलना और घरेलू चिंताएं
अमेरिकी नागरिकों की चिंताओं को दूर करते हुए ट्रम्प ने वियतनाम और इराक जैसे लंबे युद्धों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जहां वे युद्ध दशकों तक चले, वहीं ईरान के खिलाफ यह संघर्ष अभी दूसरे महीने में ही है और निर्णायक मोड़ पर है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर अन्य देशों से अपील की कि वे होर्मुज जैसे समुद्री रास्तों की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाएं.
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