
वॉशिंगटन/तेहरान. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है. नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने अमेरिकी प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया, तो उसके बचे-खुचे बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया जाएगा.
निशाने पर पुल और पावर ग्रिड
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ट्रम्प ने लिखा कि अमेरिकी सेना की ताकत का असली ट्रेलर अभी बाकी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले चरण में ईरान के महत्वपूर्ण पुलों और बिजली संयंत्रों (Power Plants) को निशाना बनाया जाएगा. ट्रम्प ने ईरानी नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा, "उन्हें पता है कि क्या करना चाहिए, और उन्हें यह काम बहुत जल्दी करना होगा."
ड्रोन सप्लाई चेन पर प्रहार
हाल ही में एक ईरानी पुल पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने सफाई दी है कि उस पुल का इस्तेमाल ड्रोन निर्माण के लिए जरूरी कच्चा माल ले जाने के लिए किया जा रहा था. हालांकि, ईरान ने इसे 'युद्ध अपराध' करार देते हुए दावा किया कि यह एक नागरिक पुल था. ट्रम्प ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर ईरान उनके 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव को नहीं मानता, तो सैन्य कार्रवाई की तीव्रता और बढ़ा दी जाएगी.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर UNSC में सस्पेंस बरकरार
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की सुरक्षा को लेकर बहरीन द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वोटिंग टल गई है. अब इस पर शनिवार को फैसला होगा. बहरीन का तर्क है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए इस समुद्री रास्ते को सैन्य सुरक्षा देना अनिवार्य है.
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