Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ट्विशा शर्मा मौत मामला: पिता बोले-बेटी के ससुराल वाले सिस्टम पर दबाव बनाने में सक्षम, निष्पक्ष जांच की मांग


भोपाल, 19 मई (आईएएनएस)। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में जान गंवाने वाली ट्विशा शर्मा के पिता नव निधि शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत के मामले में आरोपी का परिवार प्रभावशाली है और सिस्टम पर दबाव बनाने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका शोकाकुल परिवार लगातार सार्वजनिक हमलों और बनाए जा रहे नैरेटिव का सामना कर रहा है।

भोपाल, 19 मई (आईएएनएस)। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में जान गंवाने वाली ट्विशा शर्मा के पिता नव निधि शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत के मामले में आरोपी का परिवार प्रभावशाली है और सिस्टम पर दबाव बनाने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका शोकाकुल परिवार लगातार सार्वजनिक हमलों और बनाए जा रहे नैरेटिव का सामना कर रहा है।

एक विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी करते हुए नव निधि शर्मा ने कहा कि उनके परिवार ने अधिकारियों के सामने कई बार यह आशंका जताई थी कि ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के परिवार से जुड़े लोगों का काफी प्रभाव है और वे व्यवस्था, जनमत और जांच प्रक्रिया पर दबाव डाल सकते हैं।

नव निधि शर्मा ने कहा, “टूटे हुए दिल, असहनीय पीड़ा और कभी न खत्म होने वाले नुकसान के एहसास के साथ मैं दिवंगत ट्विशा शर्मा का पिता न्याय, निष्पक्षता और अपनी बेटी की गरिमा की रक्षा के लिए यह सार्वजनिक बयान जारी करने को मजबूर हूं। मेरी बेटी अब जीवित नहीं है कि वह आरोपी पक्ष द्वारा किए जा रहे सार्वजनिक हमलों और फैलाए जा रहे झूठे आरोपों का जवाब दे सके।”

उन्होंने कहा, “आज जब हमारी बेटी हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है, तब भी जिन लोगों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वे लगातार सार्वजनिक रूप से बोल रहे हैं, अपना बचाव कर रहे हैं और अपनी मनचाही कहानी पेश कर रहे हैं। यह असमान स्थिति शोक में डूबे परिवार को गहरा दुख पहुंचा रही है और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर लोगों के भरोसे को कमजोर कर रही है।”

शर्मा ने कहा कि यह बयान केवल सच्चाई, न्याय, पारदर्शिता और अपनी बेटी की गरिमा की रक्षा के उद्देश्य से जारी किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, “हम भारत के संविधान, न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर अपना भरोसा बनाए हुए हैं और ईमानदारी से उम्मीद करते हैं कि बिना किसी डर, पक्षपात या दबाव के सच की ही जीत होगी।”

ट्विशा शर्मा के अवशेष अभी एम्स भोपाल में रखे हुए हैं, क्योंकि परिवार कानूनी कार्रवाई कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गिरिबाला सिंह भोपाल जिला अदालत की सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता अदालत की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।

भोपाल की एक जिला अदालत ने शनिवार को सह आरोपी गिरिबाला सिंह को अंतरिम जमानत दे दी, जबकि समर्थ की अंतरिम जमानत याचिका को सोमवार को जस्टिस पल्लवी द्विवेदी ने खारिज कर दिया। भोपाल जिला अदालत में वकील समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा की मौत के बाद से ही फरार है।

भोपाल पुलिस ने ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत की विस्तृत जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। ट्विशा ने दिसंबर 2025 में समर्थ से शादी की थी।

ट्विशा के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य एम्स नई दिल्ली में उनके शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग कर रहे हैं और इसके लिए वे 13 मई से ही मध्य प्रदेश में हरसंभव संपर्क कर रहे हैं।

नव निधि शर्मा ने हस्तक्षेप की मांग करते हुए मध्य प्रदेश के राज्यपाल से भी संपर्क किया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक उनकी बेटी की सास गिरिबाला सिंह को उनके अर्ध-न्यायिक दायित्वों से हटा दिया जाए या निलंबित कर दिया जाए।

उनके पद पर बने रहने से जांचकर्ताओं, गवाहों और फोरेंसिक प्रक्रिया पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ सकता है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला देते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।

विवाद का मुख्य मुद्दा अभी वे परिस्थितियां हैं, जिनमें ट्विशा की मृत्यु हुई। अदालत में पेश बचाव पक्ष के बयान के अनुसार, 12 मई को ट्विशा एक ब्यूटी पार्लर गई थी और उसके बाद घर लौटने से पहले वह टहलने के लिए गई थीं। परिवार ने दावा किया कि बाद में वह छत पर एक लोहे की रॉड से एक एक्सरसाइज रेसिस्टेंस बैंड के सहारे लटकी हुई मिली। उसे एम्स भोपाल ले जाने से पहले होश में लाने की कोशिश भी की गई थी।

हालांकि, ट्विशा के परिवार ने इन बातों का खंडन किया है। उनका आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई और उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। अदालत के रिकॉर्ड में यह भी आरोप दर्ज है कि आरोपी पति ने उसके अजन्मे बच्चे के पिता को लेकर सवाल उठाए और बार-बार उससे मारपीट की।

अभियोजन पक्ष ने उन वाट्सएप संदेशों का भी जिक्र किया, जो ट्विशा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपनी मां को भेजे थे। 9 मई के एक संदेश में उसने कथित तौर पर लिखा था, “मां, प्लीज आप कल मुझे यहां से लेने आ जाओ,” जबकि एक दूसरे संदेश में उसने अपनी जिंदगी को नरक बताया था और शिकायत की थी कि उसका पति अब उससे बात नहीं करता।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News