
उज्जैन जिले के खाचरौद में एक सात वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। लंगर कॉलोनी में रहने वाले धर्मेंद्र के पुत्र ध्रुव का शव घर में रखे पानी के टैंकर में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस घटना ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब मृतक के पिता ने अपनी ही पत्नी और खाचरौद थाने में पदस्थ एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पर बेटे की हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता धर्मेंद्र ने एसडीओपी आकांक्षा बैछोटे को सौंपी शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी उनसे अलग होकर बच्चों के साथ लंगर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही थी। पिता का आरोप है कि इस पूरे मामले में उनकी पत्नी और एएसआई प्रभुराम शामिल हैं। वहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि जिस मकान में महिला रह रही थी, वह उक्त एएसआई की गारंटी पर ही किराए पर लिया गया था।
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए एएसआई प्रभुराम ने अपनी सफाई में कहा है कि महिला देवास में उनकी परिचित थी। पारिवारिक विवाद और घरेलू कलह के कारण वह अपने पति से अलग रहना चाहती थी, इसलिए मानवीय आधार पर मदद करते हुए उन्होंने उसे मकान दिलवाने में सहायता की थी। पुलिस प्रशासन अब इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि क्या इस जान-पहचान का बच्चे की मौत से कोई सीधा संबंध है।
एसडीओपी आकांक्षा बैछोटे के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला पानी के टैंक में डूबने से हुई दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चे की मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
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