
उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में चीख-पुकार में बदल दिया। अपने भांजे के घर आयोजित गोद भराई (सीमंत संस्कार) समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे बुजुर्ग भाइयों की बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण एक्सीडेंट में दोनों भाइयों की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा उनका पोता जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उज्जैन जिले के मरंडवा गांव के रहने वाले 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया गुरुवार को बेहद खुश थे। दोनों भाई अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक पर सवार होकर उज्जैन के नागझिरी क्षेत्र के लिए निकले थे। नागझिरी में उनके भांजे के घर गोद भराई का मांगलिक कार्यक्रम था, जहां पूरा परिवार उनका इंतजार कर रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अभिषेक बाइक चला रहा था और दोनों बुजुर्ग भाई पीछे बैठे थे। गांव से करीब 25-30 किलोमीटर दूर मुख्य हाईवे पर पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को बेरहमी से रौंद दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों बाइक समेत हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम: राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना किया गया। लेकिन घाव इतने गहरे थे कि बड़े भाई पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, छोटे भाई भागीरथ मोथलिया की उज्जैन के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान देर शाम मौत हो गई।
हादसे में घायल पोते अभिषेक की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और आईसीयू (ICU) में उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने बताया कि पीरूलाल खेती-किसानी देखते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (MPEB) से रिटायर्ड कर्मचारी थे। परिवार का एक सदस्य उज्जैन में ही पटवारी के पद पर पदस्थ है।
शुक्रवार सुबह दोनों बुजुर्ग भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है। जैसे ही दोनों शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। इधर, थाना पुलिस ने दुर्घटना का केस दर्ज कर लिया है और वारदात के बाद ट्रैक्टर छोड़कर भागे ड्राइवर की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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