
सीधी जिले के कुसमी स्थित शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक अनोखी घटना सामने आई है। स्कूल की छत के अंदरूनी हिस्से में 100 से अधिक पक्षियों के घोंसले पाए गए हैं, जिसे देखकर छात्र और शिक्षक हैरान रह गए।
करीब 20 दिन बाद जब स्कूल खुला और लगभग 140 छात्र वापस लौटे, तो उन्होंने छत में मिट्टी से बने इन घोंसलों को देखा। बच्चों ने इसकी जानकारी तुरंत स्कूल प्रबंधन को दी।
मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पहुंचकर निरीक्षण किया।
वन अधिकारियों के अनुसार, ये घोंसले Wire-tailed Swallow (हिरुंडो स्मिथी) नामक पक्षी के हैं, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कन्हैया चिड़िया’ कहा जाता है। यह पक्षी लार और मिट्टी को मिलाकर अपने घोंसले बनाता है, जो इसकी खास पहचान है।
विशेषज्ञों ने बताया कि यह पक्षी आमतौर पर जल स्रोतों और हरियाली वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। स्कूल के पास बहने वाली बरी नदी और आसपास मौजूद घने पेड़-पौधे इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ‘कन्हैया चिड़िया’ मधुर आवाज में चहचहाती है और औषधीय पौधों वाले क्षेत्रों में अधिक दिखाई देती है। स्कूल में इतने बड़े पैमाने पर इसके घोंसले मिलना एक दुर्लभ और रोचक घटना मानी जा रही है।
वन विभाग ने बताया कि ये घोंसले लगभग छह महीने तक रहते हैं और चूजों के उड़ने के बाद पक्षी इन्हें छोड़ देते हैं। फिलहाल इस अनोखी घटना ने पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और आकर्षण का माहौल बना दिया है।
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