अमरावती, 21 जुलाई (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के 'निवेश के भ्रम' की पोल खोल दी है। वाईएसआरसीपी ने कहा कि गठबंधन सरकार ने आंध्र प्रदेश में लाखों करोड़ रुपए के निवेश और लाखों नौकरियों का जो जोर-शोर से प्रचार किया था, उसकी सच्चाई केंद्र सरकार के ही उन आंकड़ों से सामने आ गई है जो संसद में पेश किए गए थे।
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अमरावती, 21 जुलाई (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के 'निवेश के भ्रम' की पोल खोल दी है। वाईएसआरसीपी ने कहा कि गठबंधन सरकार ने आंध्र प्रदेश में लाखों करोड़ रुपए के निवेश और लाखों नौकरियों का जो जोर-शोर से प्रचार किया था, उसकी सच्चाई केंद्र सरकार के ही उन आंकड़ों से सामने आ गई है जो संसद में पेश किए गए थे।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और गठबंधन सरकार के बड़े-बड़े दावों के उलट, केंद्र ने पुष्टि की है कि पिछले दो सालों में राज्य में डीपीआईआईटी और इन्वेस्ट इंडिया की निगरानी वाले केवल 10 निवेश प्रोजेक्ट ही जमीन पर उतरे हैं, और इनमें से सिर्फ दो प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा हुआ है।
वाईएसआर कांग्रेस ने कहा कि बाकी प्रोजेक्ट अभी भी निर्माणाधीन हैं, जबकि निवेश और रोजगार के जिन आंकड़ों का बहुत प्रचार किया गया, वे असल उपलब्धियों के बजाय ज्यादातर सिर्फ अनुमान हैं।
वाईएसआरसीपी सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी के एक सवाल का जवाब देते हुए वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा को बताया कि इन प्रोजेक्ट से जुड़ा कुल निवेश अनुमानित 6,962 करोड़ रुपए है। केंद्र ने यह भी साफ किया कि इन प्रोजेक्ट से जुड़ी 22,167 नौकरियां केवल अनुमानित रोजगार के अवसर हैं, जिनकी उम्मीद प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद की जा रही है। ये ऐसी नौकरियां नहीं हैं जो पहले ही पैदा हो चुकी हैं।
इस जवाब में अब तक हुए वास्तविक निवेश, कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने वाले उद्योगों की संख्या या अभी रोजगार पाए लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। विपक्षी पार्टी ने कहा कि ये आंकड़े उस आलोचना को और पुख्ता करते हैं कि राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक निवेश, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को चालू उद्योग और भविष्य की अनुमानित नौकरियों को पहले ही दी जा चुकी नौकरियों के तौर पर पेश कर रही है।
एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों से जुड़े एक अन्य जवाब में केंद्र ने बताया कि 2024-25 के दौरान 201 उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में 10,093 लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि 2025-26 के दौरान 625 कार्यक्रमों में 32,428 लोग शामिल हुए।
हालांकि, इसमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई कि कितने ट्रेनी ने उद्योग स्थापित किए, वित्तीय सहायता प्राप्त की, एमएसएमई शुरू किए या रोजगार पैदा किए, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्किल ट्रेनिंग को औद्योगिक विकास के तौर पर नहीं दिखाया जा सकता।
संसद में केंद्र के जवाब टीडीपी गठबंधन सरकार के राजनीतिक नैरेटिव और जमीनी हकीकत के बीच भारी अंतर को उजागर करते हैं। पार्टी ने कहा कि जहां सरकार अभूतपूर्व औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का दावा करती रही है, वहीं आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि केवल दो औद्योगिक इकाइयों का निर्माण पूरा हुआ है, जबकि बाकी निवेश और नौकरियां अभी भी प्रस्तावों, निर्माण गतिविधियों और भविष्य के अनुमानों तक ही सीमित हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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