
सीधी। विंध्य और बुंदेलखंड अंचल के रेल यात्रियों के लिए 24 अक्टूबर 2026 का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औपचारिक रूप से दो नई मेमू (MEMU) ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रेल सेवा सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंडों पर शुरू की गई है। उद्घाटन के विशेष अवसर पर रेलवे प्रशासन ने दोनों ट्रेनों में आम नागरिकों और यात्रियों के लिए सफर पूरी तरह निःशुल्क रखा।
आठ कोच वाली ये मेमू ट्रेनें सप्ताह में छह दिन (रविवार मेंटेनेंस दिवस छोड़कर) संचालित की जाएंगी। 26 अक्टूबर से इनका नियमित दैनिक संचालन शुरू हो जाएगा। नई रेल सेवा के प्रारंभ होने से विंध्य और बुंदेलखंड के चार प्रमुख जिलों सतना, रीवा, पन्ना और सीधी के निवासियों, विद्यार्थियों, शासकीय कर्मचारियों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और किफायती आवागमन का सीधा लाभ मिलेगा।
रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार:
देवेंद्रनगर से चुरहट: ट्रेन देवेंद्रनगर से प्रातः 7:00 बजे प्रस्थान करेगी और विभिन्न मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर 1:15 बजे चुरहट पहुंचेगी। मार्ग में सतना स्टेशन पर ट्रेन का 10 मिनट का ठहराव निर्धारित किया गया है।
चुरहट से देवेंद्रनगर (वापसी): वापसी दिशा में यह ट्रेन चुरहट से दोपहर 3:00 बजे रवाना होकर रात 9:25 बजे देवेंद्रनगर पहुंचेगी।
नागौद और चुरहट में आयोजित मंचीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा रहा। नागौद स्टेशन पर राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा तथा नागौद विधायक नागेंद्र सिंह उपस्थित रहे। वहीं चुरहट में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सतना सांसद गणेश सिंह ने इसे आजादी के बाद क्षेत्र का सबसे ऐतिहासिक दिन बताया, वहीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रेखांकित किया कि भाजपा शासनकाल में रीवा से 7 नई ट्रेनों की शुरुआत हुई है।
पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) दिलीप कुमार सिंह ने जानकारी दी कि यह मेमू सेवा महत्वाकांक्षी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना का अहम हिस्सा है। इस 541 किलोमीटर लंबी परियोजना को 1997-98 में स्वीकृति मिली थी, जिसकी प्रारंभिक लागत मात्र 925 करोड़ थी, जो वर्तमान में बढ़कर करीब 9,000 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
परियोजना के 165 किमी लंबे ललितपुर–खजुराहो खंड पर वर्ष 2016 से ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अब सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) और रीवा–चुरहट (65 किमी) खंडों पर मेमू सेवा शुरू होने के साथ परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। जीएम ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पन्ना और खजुराहो के बीच कुछ तकनीकी व भौगोलिक चुनौतियां सामने आ रही हैं, फिर भी संपूर्ण ललितपुर-सिंगरौली परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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