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विनेश के खिलाफ मुकाबले के दौरान पूरी तरह से आत्मविश्वास में थी, फाइनल में फैसले से संतुष्ट नहीं: मीनाक्षी गोयत


जींद, 31 मई (आईएएनएस)। पहलवान मीनाक्षी गोयत ने एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल्स में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल के नतीजे को चुनौती देने के अपने फैसले का बचाव किया है। मीनाक्षी ने अंतिम पंघाल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसे 3-2 के मामूली अंतर से हार गई थीं। मीनाक्षी इस फैसले से संतुष्ट नहीं थीं।

जींद, 31 मई (आईएएनएस)। पहलवान मीनाक्षी गोयत ने एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल्स में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल के नतीजे को चुनौती देने के अपने फैसले का बचाव किया है। मीनाक्षी ने अंतिम पंघाल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसे 3-2 के मामूली अंतर से हार गई थीं। मीनाक्षी इस फैसले से संतुष्ट नहीं थीं।

मीनाक्षी को यह विश्वास था कि उन्होंने फाइनल में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था और इसलिए फैसले की समीक्षा की मांग की। हालांकि, मीनाक्षी की शिकायत को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पहले ही स्वीकार कर चुका है।

मीनाक्षी ने 'आईएएनएस' से ​​कहा, "मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मुझे लगा कि मैंने उस मैच में सचमुच बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। इसीलिए मैंने चुनौती दी। अब यह मामला संबंधित अधिकारियों के पास जाएगा और समीक्षा के बाद जो भी फैसला आएगा, मैं उसे स्वीकार करूंगी।"

उल्लेखनीय है कि इन ट्रायल्स में 53 किलोग्राम वर्ग सबसे ज्यादा चर्चित रहा, जिसमें मीनाक्षी ने पहले पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को हराकर उलटफेर किया और फिर फाइनल में अंतिम से हार गईं।

विनेश पर जीत को लेकर मीनाक्षी ने कहा कि ट्रायल्स शुरू होने तक उन्हें पता भी नहीं था कि भारत की सबसे कामयाब पहलवानों में से एक का सामना करने का मौका मिलेगा, हालांकि उन्हें लंबे समय से ऐसे मुकाबले की उम्मीद थी।

मीनाक्षी ने बताया, "मुझे पहले से पता नहीं था कि ट्रायल्स में मेरा मुकाबला विनेश से होगा, लेकिन कहीं न कहीं मेरे मन में हमेशा से उनके खिलाफ मुकाबला करने की इच्छा थी। जब मुकाबला हुआ, तो मैं पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हुई थी।"

मीनाक्षी ने माना कि मैच के दौरान उनसे एक गलती हुई थी, जिसकी वजह से विनेश को प्वाइंट्स बनाने का मौका मिला, लेकिन जिस तरह से उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला किया, उससे वह खुश थीं।

उन्होंने कहा, "एक समय पर, अपनी ही गलती की वजह से मैंने कुछ प्वाइंट्स गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए आखिर में 6-4 से जीत हासिल की। ​​मुझे अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा था और पूरे मैच के दौरान मेरा आत्मविश्वास बना रहा।"

साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली मीनाक्षी ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मां कैंसर से लड़ रही हैं। मीनाक्षी ने बताया, "मेरा परिवार एक मध्यम-वर्गीय पृष्ठभूमि से आता है। मेरी मां कैंसर से पीड़ित हैं। हम आर्थिक मुश्किलों का भी सामना कर रहे हैं। एथलीट वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं और सरकारों को खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए ताकि वे पूरी तरह से अपनी ट्रेनिंग और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।"

इस बीच, मीनाक्षी की शिकायत स्वीकार करने के बावजूद, डब्ल्यूएफआई ने यह कायम रखा है कि जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स के लिए 53 किलोग्राम वर्ग में भारत की चुनी हुई पहलवान के तौर पर अंतिम पंघाल ही रहेंगी।

डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने 'आईएएनएस' को बताया, "हमें मीनाक्षी की शिकायत मिली है। समिति इस मामले की समीक्षा करेगी, लेकिन मौजूदा स्थिति के अनुसार, एशियन गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व अंतिम ही करेंगी।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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