
रामनगर / मैहर. रामनगर सहित मैहर जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण तालाब और जलाशय लबालब भर गए हैं. जैसा कि इस वीडियो में दिख रहा है, तालाब उफान पर है और उसमें लगी सिंघाड़े की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे फसल खराब होने की कगार पर है.
सिंघाड़े की खेती निषाद, केवट, मल्लाह समाज के सैकड़ों परिवारों की परंपरागत आजीविका है. किसानों ने कर्ज लेकर, मेहनत से फसल लगाई थी, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है. अत्यधिक जलभराव से सिंघाड़े की बेलें सड़ने लगी हैं.
निषादवंशी समाज ने उठाई मुआवजे की मांग -
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अध्यक्ष - निषादवंशी मांझी मछुआ केवट सिंगरहा सामाजिक संगठन (म.प्र.) जिला इकाई मैहर / शिवप्रताप सिंगरहा ने सरकार से मांग की है.
शिवप्रताप सिंगरहा ने कहा कि रामनगर सहित मैहर जिले के सभी प्रभावित तालाबों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण और सर्वे कराया जाए. प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसल का उचित आकलन कर पीड़ित सिंघाड़ा किसानों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि किसानों को इस आर्थिक संकट से उबारा जा सके.
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