
नई दिल्ली. देश में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय के मुताबिक, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम अब आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है। इस बीच, आज लोकसभा में परिसीमन और नए संशोधनों से जुड़े तीन अहम बिलों पर दूसरे दिन की चर्चा जारी है, जिस पर शाम को वोटिंग होनी है।
संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन आज गहमागहमी और बढ़ने वाली है:
विपक्ष का पक्ष: दोपहर 3 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में अपनी बात रखेंगे। माना जा रहा है कि वह ओबीसी कोटा और परिसीमन की शर्तों पर सरकार को घेरेंगे।
सरकार का जवाब: राहुल गांधी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोर्चा संभालेंगे और सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।
अंतिम वोटिंग: चर्चा के बाद शाम 4 बजे बिलों पर मतदान (Voting) होगा।
लोकसभा में कल 13 घंटे से अधिक समय तक बहस चली। विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने सीटों के 'काट-छाँट' और परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे राज्यों के प्रतिनिधित्व के साथ खिलवाड़ बताया। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा और यह 'मोदी की गारंटी' है।
सरकार ने जो नए संशोधन पेश किए हैं, उनका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करना है।
सीटों की संख्या: नए बिल के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 815 से 850 तक हो सकती है।
महिला कोटा: कुल सीटों में से एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
परिसीमन का आधार: आरक्षण लागू करने के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा सकता है।
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