
नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। यह संबोधन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में लोकसभा में सरकार का संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी इस मुद्दे पर विपक्ष के रुख और महिलाओं के अधिकारों पर अपनी बात रख सकते हैं। पिछले 12 वर्षों के उनके संबोधनों में यह पहली बार होगा जब सरकार किसी विधेयक के गिरने जैसी स्थिति का सामना कर रही है।
प्रधानमंत्री ने आज कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का गिरना सरकार की हार नहीं है। बल्कि यह देश की महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध है। पीएम मोदी ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ उठाया गया कदम बताया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कैबिनेट के सहयोगियों से कहा कि जनता देख रही है कि कौन महिलाओं के हक में खड़ा है और कौन विरोध में।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने पूछा कि अगर वे वास्तव में आरक्षण देना चाहते थे तो पिछले 50 वर्षों में ऐसा क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह दोहरा चरित्र उनकी नीयत को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन न करना विपक्ष की एक बड़ी राजनीतिक भूल साबित होगी। इसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में चुनावी मैदान में भुगतना पड़ेगा।
पीएम मोदी ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को बताया जाए कि विपक्ष की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक है। उन्होंने नेताओं से जनता के बीच जाकर इस मुद्दे पर सच्चाई रखने को कहा। यह संबोधन इसलिए भी अलग माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार की उपलब्धियों के बजाय एक विधायी विफलता और उसके लिए विपक्ष की जिम्मेदारी पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है।
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