
सतना। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सतना जिले के विकासखंड रामपुर बघेलान के ग्राम गढ़वा खुर्द की वंदना सिंह ने आजीविका मिशन से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब स्वयं का कृषि उद्यम संचालित कर प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
वंदना सिंह आजीविका मिशन के वैष्णवी स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने 40 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कृषि से संबंधित व्यवसाय एवं उद्यम संचालन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद वंदना ने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर ग्राम पंचायत गढ़वा खुर्द में कृषि उद्यमी सेवा केंद्र की शुरुआत की।
इस सेवा केंद्र के माध्यम से वंदना ग्रामीण किसानों को खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ पैसा जमा एवं निकासी जैसी बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही हैं। इससे गांव के किसानों और ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं और उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
वंदना बताती हैं कि आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, समूह के माध्यम से ऋण और अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। कृषि उद्यमी सेवा केंद्र से उन्हें हर माह लगभग 12 से 15 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनमें आत्मनिर्भरता का भाव भी बढ़ा है।
वंदना सिंह ने स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़कर उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला है और अब वे अपने गांव में अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
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