
आलीराजपुर जिले के आम्बुआ गांव में शनिवार को एक अज्ञात जंगली जानवर के हमले से सनसनी फैल गई। चोगड़िया फलिया में अचानक हुए इस हमले में एक मासूम बच्ची समेत तीन ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना के बाद घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए आलीराजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस अप्रत्याशित हमले के बाद से समूचे फलिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, हमला करने वाला जंगली जानवर कद-काठी और रंग-रूप में लोमड़ी जैसा प्रतीत हो रहा था। उसने रास्ते से गुजर रहे लोगों पर अचानक झपट्टा मार दिया।
घायलों की सूची:
कैलाश (उम्र 35 वर्ष)
दीपिका (उम्र 9 वर्ष)
मनीषा (उम्र 19 वर्ष)
मासूम बच्ची पर हुए हमले के बाद ग्रामीणों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों ने छोटे बच्चों को घरों से अकेले बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि यह जानवर किसी बीमारी (रेबीज) से पीड़ित पागल लोमड़ी या सियार हो सकता है।
घटना की जानकारी मिलते ही रविवार सुबह जोबट वन परिक्षेत्र की विशेष रेस्क्यू टीम चोगड़िया फलिया पहुंची। वनकर्मियों ने गांव के पगडंडी रास्तों, झाड़ियों और खेतों में जंगली जानवर के पंजों (पगमार्क) के आधार पर कई घंटों तक सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया।
जोबट वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) सुनील मुजाल्दा ने बताया कि जानवर की पहचान करने और उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरे व जाल के साथ वन अमला तैनात किया गया है।
वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर लिया है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि शासन के वन्यजीव क्षति राहत नियमों के तहत सभी घायलों के उपचार और क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा प्रकरण तैयार कर स्वीकृत कराया जाएगा।
इसके साथ ही वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे झुंड में बाहर निकलें, लाठी साथ रखें और किसी भी संदिग्ध जंगली जानवर के दिखाई देने पर कानून हाथ में लेने या उसे घेरने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
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