
अनूपपुर जिले अंतर्गत भालूमाड़ा थाना क्षेत्र की जमुना कॉलोनी में मंगलवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कचरे के ढेर में एक अविकसित मानव भ्रूण पड़ा मिला। नगर पालिका परिषद पसान के सफाई कर्मचारी जब नियमित सफाई कार्य कर रहे थे, तभी किसान डेयरी के पीछे बने प्रसाधन कक्ष के समीप उनकी नजर इस भ्रूण पर पड़ी। सफाई कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद तत्काल भालूमाड़ा थाना पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए भ्रूण को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से सघन पूछताछ की, लेकिन प्रारंभिक तौर पर भ्रूण को वहां फेंकने वाले के संबंध में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका।
भालूमाड़ा थाना प्रभारी राधिका भगत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बरामद हुआ मानव भ्रूण काफी छोटा और अविकसित अवस्था में है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि भ्रूण लगभग तीन से पांच माह का हो सकता है। हालांकि, भ्रूण की वास्तविक उम्र, लिंग और गर्भपात से जुड़े अन्य विधिक पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस दल ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे भ्रूण को सुरक्षित रूप से जिला अस्पताल अनूपपुर पहुंचा दिया। सूर्यास्त हो जाने और शाम का समय होने के कारण मंगलवार को प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते अब बुधवार सुबह विशेषज्ञों के दल द्वारा पोस्टमार्टम संपन्न कराया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। घटनास्थल के आसपास और जमुना कॉलोनी के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित डॉक्टर मजूमदार क्लीनिक व अन्य निजी स्वास्थ्य केंद्रों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में ली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दोपहर या रात के समय कौन संदिग्ध गतिविधि में लिप्त था।
कचरे के ढेर में भ्रूण मिलने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों का जमावड़ा लग गया। स्थानीय रहवासियों ने इस अमानवीय कृत्य पर गहरा आक्रोश जताते हुए अज्ञात कलयुगी माता-पिता अथवा इसमें संलिप्त बिचौलियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि जिले में भ्रूण मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अनूपपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय परिसर में भी करीब चार महीने पूर्व लावारिस हालत में मानव भ्रूण बरामद हुआ था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में अवैध गर्भपात और स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Leave A Reviews