
ग्वालियर. देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों और उनके विराट व्यक्तित्व को आधुनिक तकनीक के संगम से संजोने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। ग्वालियर स्थित 'अटल स्मारक' को अब 'अटल लोक' के रूप में भव्य स्वरूप दिया जाएगा। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इस पूरे परिसर को एक हाईटेक पर्यटन केंद्र और 'म्यूजियम ऑफ लीडरशिप एंड नेशन बिल्डिंग' (नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण संग्रहालय) के रूप में विकसित करने जा रहा है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगा।
एआई (AI) और ह्यूमनॉयड रोबोट से पूछ सकेंगे सवाल 'अटल लोक' की सबसे बड़ी खासियत यहाँ इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीक होगी। यहाँ आने वाले आगंतुक न सिर्फ अटल जी के जीवन, उनकी कविताओं और राजनीतिक सफर को देख सकेंगे, बल्कि अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए उनसे संवाद भी कर सकेंगे।
अटल जी का डिजिटल अवतार: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अटल जी का एक वर्चुअल डिजिटल अवतार तैयार किया जाएगा।
रोबोटिक्स और होलोग्राम: परिसर में ह्यूमनॉयड रोबोट और 3D होलोग्राम स्थापित किए जाएंगे। पर्यटक इन एआई आधारित संवाद प्रणालियों के माध्यम से अटल जी के विचारों पर सवाल पूछ सकेंगे, जिनका जवाब उनका डिजिटल अवतार उन्हीं के चिर-परिचित अंदाज और आवाज में देगा।
19.50 करोड़ की लागत से बदलेगी सूरत पर्यटन विभाग के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 19.50 करोड़ रुपये है। इसे एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के म्यूजियम और इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत परिसर में निम्नलिखित प्रमुख आकर्षण जोड़े जाएंगे:
डिजिटल गैलरी: अटल जी के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर की डिजिटल प्रदर्शनियां।
प्रोजेक्शन मैपिंग: लाइट एंड साउंड शो के साथ दीवारों पर विशेष प्रोजेक्शन तकनीक के जरिए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाया जाएगा।
इंटरेक्टिव डिस्प्ले: युवाओं और बच्चों को देश के इतिहास और लीडरशिप के बारे में सिखाने के लिए विशेष डिजिटल स्क्रीन्स।
"इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य 'अटल लोक' को देश के एक प्रमुख और आधुनिक तकनीकी पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यहाँ आने वाली नई पीढ़ी को यह अहसास होगा कि वे सीधे इतिहास के उस दौर में मौजूद हैं और देश के महान नेता से रूबरू हो रहे हैं।" - पर्यटन विभाग अधिकारी
ग्वालियर में जन्म लेने वाले अटल जी की इस धरोहर को इस तरह संजोना न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तकनीकी नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश को एक नई पहचान दिलाएगा।
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