
चिचोली। बैतूल जिले के कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवाने की पहल पर शिक्षा के क्षेत्र में शुरू किए गए अभिनव ‘शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम’ का शुभारंभ शिक्षक दिवस के अवसर पर विकासखंड चिचोली की चयनित शासकीय शालाओं में किया गया। कार्यक्रम के तहत विभिन्न विद्यालयों में नियुक्त जिला अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में विद्यालय विकास की गतिविधियों की शुरुआत हुई।
शासकीय माध्यमिक शाला मलाजपुर में एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष कांति यादव एवं महंत की उपस्थिति में शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वहीं माध्यमिक शाला दूधिया में नगर परिषद चिचोली की अध्यक्ष डॉ. वर्षा मालवीय ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की घोषणा की। उनकी इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

ग्राम कटकुही में तहसीलदार श्याम सिंह उईके द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। माध्यमिक शाला हरदू में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चिचोली प्रतिभा जैन ने कार्यक्रम की शुरुआत की। माध्यमिक शाला झिरनाढाना में भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र यादव एवं सरपंच की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। ग्राम धनिया जाम में राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सचिन राय माध्यमिक शाला असाड़ी में तहसीलदार द्वारा शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
शिक्षक दिवस पर विद्यालय विकास का संकल्प
शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी चयनित शालाओं में महान शिक्षाविद एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई। इसी अवसर पर विद्यालयों के विकास से जुड़ी शिक्षा संजीवनी योजना की शुरुआत की गई।

कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवाने द्वारा शुरू किया गया यह नवाचार शासकीय विद्यालयों की भौतिक संरचना में सुधार के साथ शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं व्यवसायियों ने विद्यालयों के विकास में स्वेच्छा से सहयोग करने की सहमति दी।
शिक्षकों ने भी पेश की अनुकरणीय मिसाल
शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम के तहत समाज की सहभागिता का उदाहरण मलाजपुर में देखने को मिला। प्राथमिक शाला के शिक्षक केसरी राठौर ने अपने माता-पिता की स्मृति में विद्यालय के सभी बच्चों के लिए डेस्क-बेंच दान किए। इसी प्रकार सेवानिवृत्त शिक्षक प्रेमचंद करछले ने शासकीय प्राथमिक शाला ढूमकाढाना के सभी विद्यार्थियों के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध कराए।
ग्राम पंचायत मलाजपुर के शिक्षक समुदाय ने दोनों शिक्षकों की इस पहल की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही अन्य लोगों से भी शासकीय विद्यालयों के विकास में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करने की अपील की गई।
शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम को बैतूल जिले की शिक्षा व्यवस्था की दशा और दिशा सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। जनभागीदारी से विद्यालयों की सुविधाओं में सुधार के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई जा रही है।
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