हैदराबाद, 19 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन (डीसीए) ने 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी बंद के मद्देनजर राज्यभर में आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
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हैदराबाद, 19 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन (डीसीए) ने 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी बंद के मद्देनजर राज्यभर में आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
यह बंद अखिल भारतीय रसायनज्ञ एवं औषध विक्रेता संगठन (एआईओसीडी) की ओर से बुलाया गया है। मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने के लिए डीसीए ने सार्वजनिक परामर्श जारी किया है।
डीसीए के महानिदेशक अविनाश मोहंती ने बयान में कहा कि एआईओसीडी की तेलंगाना इकाई के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अस्पतालों से जुड़ी मेडिकल दुकानें आम लोगों की सुविधा के लिए खुली रहेंगी।
उन्होंने बताया कि एआईओसीडी की जिला इकाइयां आपात स्थिति में स्थानीय मेडिकल स्टोरों से दवाएं उपलब्ध कराने के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों के संपर्क में रहेंगी।
इसके अलावा, अपोलो फार्मेसी और मेडप्लस जैसी कॉर्पोरेट मेडिकल दुकानों को भी खुले रखने की सलाह दी गई है।
महानिदेशक ने कहा कि यदि 20 मई को आवश्यक या आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो लोग संबंधित स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर या डीसीए के सहायक निदेशक से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यभर में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरी और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।
मोहंती ने कहा, “विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों को सतर्क रहने और दवाओं की उपलब्धता या जन शिकायतों से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।”
डीसीए अधिकारियों के संपर्क नंबर और कार्यालयों के पते विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के “की कॉन्टैक्ट्स” सेक्शन में उपलब्ध हैं। इसके अलावा लोग सहायता या दवाओं की जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 599 6969 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
डीसीए ने सभी हितधारकों से बंद के दौरान आम जनता तक दवाओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है।
दरअसल, हैदराबाद केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन और एआईओसीडी ने दवा नियमों में हालिया संशोधनों और ऑनलाइन फार्मेसी के संचालन के विरोध में बुधवार को मेडिकल स्टोर बंद रखने की घोषणा की है।
संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी और डिजिटल मेडिसिन प्लेटफॉर्म के अनियंत्रित संचालन से दवाओं के दुरुपयोग, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बढ़ने और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
--आईएएनएस
डीएससी
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