
भिंड जिले से ग्रामीण बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत बबेड़ी में तेज बारिश के बाद बरसाती खार में पानी भर जाने से नदरौली और सुमेर सिंह का पुरा गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है। बारिश के चार महीनों तक यह इलाका जलमग्न रहता है, जिससे पैदल या बाइक से निकलना असंभव हो जाता है। लंबे समय से पुलिया निर्माण की मांग के बावजूद स्थायी समाधान न होने से भिंड में ई-अटेंडेंस और बदहाल रास्ता शिक्षकों व ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
ई-अटेंडेंस का दबाव: राज्य शासन द्वारा सरकारी स्कूलों में लागू की गई अनिवार्य ई-अटेंडेंस प्रणाली ने शिक्षकों की परेशानी और बढ़ा दी है। निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता के चलते नदरौली प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राजेश भारती ट्यूब के सहारे उफनती बरसाती खार पार करते नजर आए। तेज बहाव के बीच जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन बायोमेट्रिक और ऑनलाइन हाजिरी के नियम शिक्षकों को यह जोखिम उठाने पर विवश कर रहे हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: संपर्क मार्ग बंद होने से केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि स्कूली बच्चे और स्थानीय ग्रामीण भी भारी संकट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक सिर्फ डिजिटल व्यवस्थाओं के जरिए शिक्षा का स्तर सुधारना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बरसाती खार पर तुरंत पुलिया निर्माण कराया जाए ताकि जान-माल का नुकसान रोके जा सके।
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