
सतना. जिले के जसो थाना क्षेत्र अंतर्गत बीते मई के महीने में हुई हत्या के आरोपियों को चिन्हित कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए दो आरोपी जेल चले गए हैं. इस केस में आरोपियों ने साजिश के तहत वारदात को अंजाम देते हुए लाश को जंगली पहाड़ी इलाके की गुफा में ठिकाने लगा दिया था.
जिले के जसो थाना क्षेत्र अंतर्गत 29 मई को अर्जुन खोह जंगल की गुफा में एक लाश मिली थी. पुलिस ने जब इसकी पहचान का प्रयास किया तो पता चला कि देवरी गांव से धनीराम भूमिया 28 तारीख को लकड़ी काटने जंगल गए थे, जो वापस नहीं लौटे और इस बात की सूचना उनकी पत्नी अनोज बाई ने 29 तारीख की सुबह थाने में दी थी. शव की पहचान गुम इंसान धनीराम भूमिया के रूप में हुई. शव परीक्षण में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर महेंद्र सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी ने पाया कि उसके सिर माथे के ऊपर गहरी चोट लगी थी. इस आधार पर हत्या किए जाने की संभावना में पुलिस ने अपनी तहकीकात को आगे बढ़ाया. जब लाश मिली थी तब पुलिस ने मर्ग क्रमांक 18/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत कायम कर जांच में लिया था. बाद में अपराध क्रमांक 130/26 धारा 103(1), 238 (ए) बीएनएस का अज्ञात आरोपी के विरूद्ध कायम कर विवेचना में लिया गया. विवेचना के दौरान जो जानकारी पुलिस के हाथ लगी,उसके आधार पर 22 अगस्त को देवरी के रहने वाले धन सिंह यादव (38) पिता हरप्रसाद यादव एवं लुक्खू उर्फ जहिंद यादव (22) पिता रामायण यादव को हिरासत में लेकर पूछतांछ की गई.
पुलिस ने बताया कि धनीराम अपनी पत्नी का संबंध धन सिंह यादव के साथ होने की बात लोगों के बीच फैला रहा था जिससे बदनामी के कारण उसकी शादी में बाधा आ रही थी. इस बात से तंग आकर घटना के दो दिन पहले धन सिंह यादव ने लुक्खू उर्फ जहिंद यादव के साथ मिलकर धनीराम की हत्या कर देने की योजना बनाई. 28 मई को धनीराम जब लकड़ी काटने के लिए जंगल की ओर निकला तब दोनों ने उसका पीछा किया. धनीराम जब जंगल पहुंचा तब उस पर कुल्हाड़ी के एक हिस्से से प्रहार किया गया जिससे उसके सिर माथे में चोट आई. धनीराम की मौत होने पर आरोपी उसकी लाश पहाड़ के ऊपर ले जाकर गुफा में छिपा दिए. पुलिस ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को बरामद कर जप्त किया गया है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 23 अगस्त रविवार को माननीय न्यायालय में पेश किया गया,वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया.
मालूम हुआ है कि इस घटनाक्रम में पुलिस की फोरेंसिक यूनिट के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर महेंद्र सिंह, सहयोगी प्रधान आरक्षक अनिल विश्वकर्मा एवं आरक्षक मुकेश यादव सहित जांच विवेचना और गिरफ्तारी में जसो थाना प्रभारी संतोष धुर्वे निरीक्षक,अजीत वर्मा सहायक उप निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक रवीन्द्र रैकवार, अमित खैरवार, कृष्ण कुमार सतनामी, आरक्षक भरत बागरी सहित सायबर सेल के सहायक उप निरीक्षक दीपेश एवं प्रधान आरक्षक संदीप तिवारी की विशेष भूमिका रही.
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