
इंदौर। शहरवासियों के लिए राहत की खबर आई है कि रानी सराय परिसर में स्थित सैंकड़ों हरे-भरे पेड़, जिन पर हजारों परिंदे बसेरा करते हैं, अब यथावत बने रहेंगे। हाई कोर्ट ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए इन पेड़ों को काटने या ट्रांसप्लांट करने पर रोक लगा दी है।
जनहित याचिका में यह तर्क रखा गया था कि इन पेड़ों को काटने से हजारों पक्षियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने यह कहा कि रानी सराय में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना है, लेकिन पेड़ काटने की कोई योजना नहीं है। कोर्ट ने इस बात को लिखित रूप में देने का निर्देश दिया है।
इस फैसले से रानी सराय परिसर की हरियाली बनाए रखने की संभावना बढ़ गई है, जिस पर पर्यावरणविद लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। मेट्रो कॉर्पोरेशन ने मेट्रो स्टेशन के नाम पर इन पेड़ों को काटने की तैयारी की थी, लेकिन नगर निगम से इस काम के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका एडवोकेट लवेश सारस्वत के माध्यम से प्रियांशु जैन ने दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि इन पेड़ों पर दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी रहते हैं और इनकी सुरक्षा की जानी चाहिए। मामले में अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 को होगी।
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