
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने देश के प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है. सरकार ने 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों (छोटू सिलिंडर) का कोटा दोगुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य ईंधन की कमी को दूर करना और संकट के समय में होने वाली कालाबाजारी पर लगाम लगाना है.
एड्रेस प्रूफ का झंझट खत्म: सिर्फ ID कार्ड दिखाएं और सिलिंडर पाएं
प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे बड़ी समस्या 'स्थायी पते का प्रमाण' (Address Proof) देना होता है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) योजना के तहत नियमों को आसान बना दिया है:
अब बिना एड्रेस प्रूफ के सिर्फ एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाकर नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से 5 किलो का सिलिंडर खरीदा जा सकता है.
यह उन लोगों के लिए वरदान है जो काम के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं और जिनके पास वहां का स्थानीय पता नहीं है.
सप्लाई में बड़ी बढ़ोतरी
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब 21 मार्च को तय की गई 20% की सीमा से भी अधिक अतिरिक्त कोटा मिलेगा. यह आवंटन मार्च की शुरुआत में दर्ज की गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर तय किया गया है, ताकि किसी भी राज्य में गैस की कमी न हो.
कालाबाजारी पर 'स्ट्राइक': 50,000 सिलिंडर जब्त
सरकार ने साफ कर दिया है कि जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार:
अब तक देश भर में 50,000 से ज्यादा अवैध सिलिंडर जब्त किए गए हैं.
नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,400 वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
लापरवाही बरतने वाले 36 डीलरों की लाइसेंस (डीलरशिप) निलंबित कर दी गई है.
सरकार की अपील: रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और ऊर्जा की बचत करें. ध्यान रहे, इन 5 किलो वाले सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग (Commercial Use) सख्त वर्जित है.
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