
पन्ना जिले में आदिवासी महिलाओं की पैतृक जमीन धोखाधड़ी से हड़पने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में ‘फर्जी भाई’ बनाकर करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन अपने नाम कराने का खुलासा हुआ है।
यह प्रकरण तहसील शाहनगर के ग्राम तखोरी का है। फरियादिया संतोष रानी ने सितंबर 2023 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पिता के निधन और माता के नेत्रहीन होने का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने साजिश के तहत उनकी पैतृक जमीन हड़प ली।
पुलिस जांच में सामने आया कि श्रीकांत दीक्षित और उनके साथी अनुपम त्रिपाठी ने राजाराम नामक व्यक्ति को संतोष रानी और उनकी बहनों का भाई तथा मृत पिता का इकलौता वारिस बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद राजाराम को 35 हजार रुपये देकर ग्राम मनौर स्थित खसरा नंबर 148/4 (रकबा 2 हेक्टेयर) भूमि का विक्रय पत्र श्रीकांत दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी के नाम करा लिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पन्ना की जांच रिपोर्ट में इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयानों से स्पष्ट हुआ कि मृतक का कोई पुत्र नहीं था। साथ ही पटवारी द्वारा की गई राजस्व प्रविष्टियां भी अवैध और फर्जी पाई गईं।
कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थक कोतवाली थाने के बाहर एकत्रित हो गए।
पुलिस अब इस मामले के दो अन्य सह-आरोपियों—अनुपम त्रिपाठी (निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी, पन्ना) और राजाराम (निवासी जैतुपुरा)—की तलाश कर रही है।
एडिशनल एसपी वंदना सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी महिलाओं के साथ हुए इस अन्याय में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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