
छतरपुर जिले की पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले को अब अपराध अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन (सीन ऑफ क्राइम वैन) मिल गई है। मध्य प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय की इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य गंभीर अपराधों की जांच को अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनाना है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से इस नई वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस गरिमामयी अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले सहित विभाग के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन गंभीर अपराधों के मामलों में सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर काम करेगी। इसकी मदद से पुलिस टीमें मौके पर ही वैज्ञानिक जांच और महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन (कलेक्शन) कर सकेंगी। अक्सर देखा जाता है कि समय पर साक्ष्य न जुटने के कारण मामलों में देरी होती है, लेकिन इस वैन के आने से न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि जुटाए गए सबूतों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी बरकरार रहेगी। पुलिस विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ अपराधों का जल्द से जल्द खुलासा होगा, बल्कि अदालतों में अपराधियों को सजा दिलाने (दोषसिद्धि दर) के ग्राफ में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
तकनीकी रूप से इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को कई हाई-टेक और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। वैन के भीतर एक उच्च क्षमता वाला डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर और सुरक्षा के लिहाज से बॉडी-वॉर्न कैमरा जैसे डिजिटल डिवाइस शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, फील्ड पर काम करने के लिए अलग-अलग तरह की विशेष जांच किट भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें मुख्य रूप से 'क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट', फिंगरप्रिंट किट, आगजनी जांच किट, साक्ष्य पैकिंग किट और फायरिंग के मामलों के लिए 'गनशॉट अवशेष जांच किट' शामिल हैं।
इतना ही नहीं, वैन के भीतर नशीले पदार्थों (ड्रग्स) और विस्फोटकों की तत्काल पहचान करने वाली विशेष किट, डीएनए सैंपल कलेक्शन किट तथा साक्ष्यों की कानूनी सुरक्षा के लिए 'चेन ऑफ कस्टडी' से जुड़ी बेहद जरूरी सामग्री भी रखी गई है। इस पूरी व्यवस्था का बड़ा लाभ यह होगा कि हर प्रकार के संवेदनशील साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से उसी वक्त पूरी तरह सुरक्षित किया जा सकेगा, जिससे कोर्ट में सबूतों से छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, यह नई पहल छतरपुर जिले की पुलिस कार्यप्रणाली को पूरी तरह फॉरेंसिक आधारित और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे मामलों की तफ्तीश में पारदर्शिता आएगी, जांच में तेजी आएगी और पुलिसिंग का एक आधुनिक चेहरा जनता के सामने आएगा। इस सुविधा के शुरू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में अपराधों की जांच त्वरित, वैज्ञानिक और बेहद सटीक तरीके से पूरी होगी, जिससे आम नागरिकों का कानून और पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा।
Leave A Reviews