
बैतूल जिले के चिचोली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अक्तिखेड़ा में 100 वर्षों से भी अधिक समय से चली आ रही समृद्ध लोक परंपरा के तहत ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर भव्य दंगल (कुश्ती प्रतियोगिता) का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक अखाड़े में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल और हरदा सहित पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से आए 24 नामी पहलवानों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर दांव-पेंच आजमाए।
बजरंगबली के पूजन से हुआ दंगल का आगाज
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ जनपद सदस्य सुनील करोचे, ग्राम सरपंच ओमप्रकाश करोचे, सुरकासिंग उईके, शिवदयाल यादव, मनोज आंवलेकर, प्रभुदयाल यादव, नेकराम यादव, रवि धुर्वे, जंग्गूसिंग इवने, कामदीन इवने, मुन्नालाल यादव, रामकिशन चंदेलकर, मंगल उईके, लालमन, मुन्ना धुर्वे, ढिमूसिंह धुर्वे और गुलाब धुर्वे सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा संकटमोचन हनुमान जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व पूजन-अर्चन कर किया गया।

धारा पहलवान ने जीता पहला खिताब, अज्जू रहे दूसरे स्थान पर
अखाड़े में दर्शकों को कई रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मुकाबले देखने को मिले। पहले इनाम (प्रथम पुरस्कार) के लिए बेड़ाढाना के धारा पहलवान और हरदा के अज्जू पहलवान के बीच कांटे की टक्कर हुई, जिसमें शानदार दांव लगाते हुए धारा पहलवान ने बाजी मार ली। वहीं, दूसरे स्थान के लिए हरदा के अज्जू पहलवान और इटारसी के अभिषेक पहलवान के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में अज्जू पहलवान विजयी रहे और द्वितीय पुरस्कार पर कब्जा जमाया। कई कड़े मुकाबले बराबरी पर भी छूटे।

100 साल की विरासत सहेजे हैं ग्रामीण
दंगल को देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में कुश्ती प्रेमी और ग्रामीण पहुंचे थे। प्रतियोगिता के अंत में विजेता व उपविजेता पहलवानों को अतिथियों द्वारा नकद राशि व शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि अक्तिखेड़ा का यह दंगल एक शताब्दी से भी अधिक समय से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है, जिसे भावी पीढ़ी आज भी पूरे उत्साह और गर्व के साथ आगे बढ़ा रही है।
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