
उज्जैन. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. 1 जनवरी से भगवान महाकाल को भारी और बड़ी फूल मालाएँ (अजगर माला) पहनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा. मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से लगातार इस संबंध में भक्तों को जानकारी दी जा रही है और उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि वे भारी माला न खरीदें.
सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2017 में दायर जनहित याचिका के बाद एएसआई और जीएसआई की संयुक्त टीम ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच की थी. 2019 में शुरू हुई इस जांच में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि भगवान को केवल हल्की और छोटी माला ही अर्पित की जाए, ताकि शिवलिंग पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
पिछले कुछ समय से इस सुझाव की अनदेखी करते हुए मंदिर में भक्तों द्वारा 10 से 15 किलो तक की भारी फूल मालाएँ पहनाई जा रही थीं. मंदिर के आसपास भी 500 से 2100 रुपये तक की भारी अजगर मालाओं की बिक्री हो रही थी. 28 नवंबर को मीडिया में मामला उठने के बाद मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया.
अब नए नियम के तहत मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्मी भक्तों की पूजन सामग्री की जाँच करेंगे. भारी और बड़ी फूल मालाओं को गेट पर ही रोक लिया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में ऐसा सामान मंदिर के भीतर नहीं ले जाने दिया जाएगा. यह व्यवस्था 1 जनवरी से सख्ती से लागू की जाएगी.
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